एशिया की अहम यात्रा पर ओबामा

अमरीका के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद बराक ओबामा पहली बार एशियाई देशों की यात्रा पर निकलने वाले हैं. उनका पहला पड़ाव जापान होगा. जापान के अलावा वे सिंगापुर, चीन और दक्षिण कोरिया भी जाएँगे. राष्ट्रपति ओबामा की यात्रा में शामिल एजेंडे में प्रमुख है- व्यापार, सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन. अपनी सात दिनों की यात्रा के दौरान बराक ओबामा का काफ़ी व्यस्त कार्यक्रम है.
बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता जोनाथन मार्कस का कहना है कि ओबामा की पहली आधिकारिक एशिया यात्रा का मकसद सीधा है- अमरीका इस क्षेत्र की कूटनीतिक विसात पर एक बड़े खिलाड़ी के रूप में लौट रहा है. उनका मानना है कि जॉर्ज बुश के कार्यकाल के दौरान एशिया को आतंकवाद के नज़रिए से ही देखा गया लेकिन अब ऐसा नहीं है.
माना जा रहा है कि जापान में राष्ट्रपति ओबामा के भाषण में अमरीकी नीति का ये परिवर्तन दिखेगा. महत्वपूर्ण भाषण ये भी माना जा रहा है कि जापान में होने वाले ओबामा का भाषण मुस्लिम जगत के लिए काहिरा में दिए गए भाषण और परमाणु अप्रसार पर प्राग में दिए गए उनके भाषण जैसा ही महत्वपूर्ण होगा.
लेकिन ओबामा की चीन यात्रा पर सबकी निगाहें हैं. उम्मीद है कि ओबामा की यात्रा से अमरीका और चीन के बीच व्यापार के क्षेत्र में चल रहे तनाव को कम करने में मदद मिलेगी. उम्मीद है कि जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में भी दोनों देश एक-दूसरे के प्रति सहयोगी रुख़ अपनाएँगे.
अमरीका ईरान और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के मामले पर चीन से सहयोग मांगेगा. बीबीसी संवाददाता का मानना है कि ओबामा के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र में चीन के बढ़ते क़द से चिंतित देशों को भरोसा दिलाना साथ ही चीन को भी ये अहसास दिलाना कि अमरीका भविष्य में उसे अपने बड़े सहयोगी के रूप में देखता है.












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