शीला दीक्षित पर बरसे मल्होत्रा

मल्होत्रा ने मांग की कि दिल्ली के उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना को मनु शर्मा जैसे अपराधी को दिए गए पैरोल पर फिर से विचार करना चाहिए और उसे तत्काल निरस्त कर देना चाहिए। लेकिन दूसरी ओर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने मनु शर्मा को दो महीने के पैरोल पर रिहा किए जाने के फैसले का बचाव किया है।
समिति ने लिया फैसला: शीला दीक्षित
दीक्षित ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, "सब कुछ नियम के मुताबिक किया गया है। यह फैसला एक समिति ने लिया, जिसमें जेल अधीक्षक, गृह सचिव, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और उप राज्यपाल शामिल थे।" दीक्षित ने कहा, "पैरोल के लिए आवेदन करना कैदी का अधिकार है। पूरे मामले की समीक्षा करने के बाद समिति ने कैदी के लिए पैरोल की सिफारिश की थी।"
पैरोल पर रिहा होने के बाद शुक्रवार रात शर्मा को एक नाइट क्लब में देखा गया था। शर्मा को पैरोल पर रिहा इस आधार पर किया गया था कि उनकी मां गंभीर रूप से बीमार हैं। बाद में शीला दीक्षित की सिफारिश पर उप राज्यपाल ने उसके पैरोल को 22 नवंबर तक बढ़ा दिया।
दूसरी ओर शुक्रवार को चण्डीगढ़ के पिकाडली होटल में शर्मा की मां शक्ति रानी को एक संवाददाता सम्मेलन में देखा गया, जिनकी बीमारी के नाम पर शर्मा को पैरोल पर रिहा किया गया है। मल्होत्रा ने आरोप लगाया है, "दीक्षित ने इस तरह का निर्णय कांग्रेस नेताओं के दबाव में लिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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