नक्सलियों के कब्जे से राजधानी एक्सप्रेस मुक्त

इलाके से सुरक्षा बलों को हटाए जाने और छत्रधर महतों सहित अपने कुछ नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर नक्सल समर्थित पुलिस संत्रास विरोधी जनसाधारण समिति (पीसीएपीए) के लगभग 500 कार्यकर्ताओं ने 2443ए अप एक्सप्रेस को झाड़ग्राम स्टेशन के पास बांसतला हाल्ट स्टेशन पर दोपहर करीब 2.45 बजे रोक लिया था।
घटना में कोई गोलीबारी नहीं हुई
कई घंटों तक तनावभरे माहौल के बाद अंतत: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों और राज्य पुलिस के जवानों ने लगभग शाम सात बजे ट्रेन को अपने कब्जे में ले लिया। केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने शाम को नई दिल्ली में सुरक्षा अभियान के समाप्त होने की घोषणा की।
चितंबरम ने संवाददताओं से कहा, "राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान मौके पर पहुंच गए हैं और रेलगाड़ी को सुरक्षित कर लिया गया है।" चिदम्बरम ने कहा, "कुछ ही देर में एक राहत रेलगाड़ी घटनास्थल के लिए रवाना होगी। रेलगाड़ी सुरक्षित है और उसमें सवार सभी यात्री भी सुरक्षित है।" चिदंबरम ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा जा रहा था कि नक्सलियों और पुलिस के बीच गोलीबारी हुई।
उन्होंने कहा, "मैं चाहूंगा कि मीडिया थोड़ा संयम बरते और अफवाह न उड़ाए। हां, एक ड्राइवर जरूर घायल हुआ है। वहां कोई गोलीबारी नहीं हुई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ है।" पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने कोलकाता में कहा, "हमारे आदमी वहां पहुंच गए हैं। वहां नक्सलियों के होने का फिलहाल कोई संकेत नहीं है।"
नक्सलियों ने एक भी हमला नहीं किया
रेलगाड़ी के सहायक चालक के गोविंद राव ने बताया, "कुछ लोगों का एक दल पटरी पर खड़ा था और उसने गाड़ी को रोक दिया। उन्होंने चालक के केबिन में मौजूद सभी लोगों को नीचे उतरने और इंजन के पास खड़े रहने को कहा। उन्होंने हमारे ऊपर बिल्कुल हमला नहीं किया, लेकिन कहा कि जब तक वे हरी झंडी नहीं दिखाते गाड़ी को नहीं चलाया जाना चाहिए।"
पीसीएपीए ने अपनी 33 सूत्री मांगों के समर्थन में पश्चिम मिदनापुर जिले में अनिश्चितकालीन बंद का आयोजन किया था। इस 33 सूत्री मांग पत्र में निर्दोष जनजातियों के खिलाफ पुलिस अत्याचार रोकने और लालगढ़ क्षेत्र से संयुक्त पुलिस दल की वापसी प्रमुख मांगे हैं। रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि रेलगाड़ी में 667 यात्री सवार थे। इसके पहले पीसीएपीए के प्रवक्ता संतोष पात्रा ने एक अज्ञात जगह से बात करते हुए एक निजी समाचार चैनल को बताया कि चालक को हमारे लोगों ने एकांत में रखा है।
नक्सली नेता बोले
पात्रा ने कहा, " मौके पर 5,000 पीसीएपीए समर्थक मौजूद हैं। हमने बंद का आह्वान किया है, ऐसे में भला हम रेलगाड़ी को कैसे जाने की अनुमति दे सकते हैं। रेल मंत्री ममता बनर्जी को सुनिश्चित करना चाहिए कि सुरक्षाकर्मी हमारे समर्थकों पर गोली न चलाएं। साथ ही इलाके से नक्सलियों के सफाये के नाम पर हमारे समर्थकों का उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए।"
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी ने भी पीसीएपीए नेता छत्रधर महतो को रिहा किए जाने की मांग की। किशनजी ने आरोप लगाया कि पीसीएपीए कार्यकर्ताओं पर पुलिस की गोलीबारी के कारण स्थिति ने खतरनाक मोड़ ले लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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