'नेताजी आएं तो खड़े हो जाएं'

जयपुर। राजस्थान सरकार ने अपने सांसदों और विधायकों को इज्ज़त दिलवाने के लिए एक तुगलकी फरमान जारी किया है। जिसके मुताबिक अब नेताओं को देखते ही सरकारी अधिकारियों को अपनी कुर्सी छोड़ खड़े होकर उन्हें सम्मान देना होगा। इतना ही नहीं अब कोई भी सरकारी समारोह नेताओं की उपस्थिति के बिना पूरा नहीं माना जाएगा। अगर अधिकारियों ने आदेश का पालन नहीं किया तो इसका असर उनके सालाना वेतनवृद्धि पर पडे़गा

राजस्थान सरकार के प्रशासनिक सुधार और समन्वय विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एमपी और एमएलए समेत सभी जनप्रतिनिधियों के आने पर सरकारी कर्मचारी उनके स्वागत में खड़े होंगे और फिर उन्हें छोड़ने बाहर तक जाएंगे। इ तना ही नहीं सरकारी कार्यक्रमों में स्थानीय एमपी और एमएलए को जरुर बुलाया जाए और उनके लिए खास जगह रखी जाए।

आदेश के अनुसार अगर कोई एमपी या एमएएलए किसी अधिकारी से बिना अपॉइंटमेंट मिलने पहुंच जाएं तो उन्हे पहली प्राथमिकता दी जाए। यहां तक की जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगी गई जानकारी उन्हें जल्द मुहैय्या कराने और उनके पत्रों का जवाब भी प्राथमिकता के आधार पर देने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि नया सराकरी आदेश उन कांग्रेसी विधायकों की शिकायतों पर जारी हुआ है जिन्होंने सीनियर अधिकारियों द्वारा सम्मान न मिलने की शिकायत की थी।

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