शिंदे, अहलुवालिया और फिरोदिया को मानद उपाधि
इस मौके पर विभिन्न विषयों के नवदीक्षित विद्यार्थियों को भी उपाधि प्रदान की गई। दीक्षान्त समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के राज्यपाल डॉ़ बलराम जाखड़ ने कहा कि जीवन को सार्थक बनाने के लिए छात्र छात्राओं को लक्ष्य का पूर्व निर्धारण कर लेना चाहिए। ऐसा होने पर ही प्रयत्न सफल होते हैं।
उन्होंने छात्रों को हिदायत दी कि वे कभी भी नाकामी से न घबराएं क्योंकि नाकामी स्थाई नहीं होती, बल्कि आगे बढने की कोशिश करते रहें तभी वे शिखर पर पहुंच सकते हैं।
समारोह में डॉक्टर ऑफ साइन्स की मानद उपाधि से विभूषित होने के बाद केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्र में देश को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी ज्ञान को बढावा देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास के लिए ज्ञान और अभियांत्रिकी महत्वपूर्ण कारक बन गए है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सोच का जिक्र किया और कहा कि देश ने जो उन्नति की है वह दुनिया के सामने है।
फोर्स मोटर्स लिमिटेड के प्रबंध संचालक अभय कुमार फिरोदिया ने आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में नौजवानों के प्रवेश को देश के लिए शुभ संकेत बताया है। उन्होंने शिक्षा को रोजगार मूलक के साथ उद्योगों के अनुरूप भी बनाने पर जोर दिया। इस मौके पर विश्व विद्यालय के कुलपति पीयूष त्रिपाठी ने छात्रहित में किए जा रहे प्रयासों का ब्योरा दिया। इस मौके पर नवदीक्षित छात्रों को दीक्षान्त समारोह में शपथ दिलाकर उपाधि प्रदान की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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