वामपंथी दलों के बिहार बंद का मिला-जुला असर (लीड-1)
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बंद समर्थकों ने सड़क मार्ग तथा रेल मार्ग अवरूद्घ किया और दुकानें बंद करवाईं। इस दौरान राज्य में कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
बंद का सबसे अधिक प्रभाव सीवान जिले में देखा गया। सीवान जंक्शन पर बंद समर्थकों ने दो घंटे तक रेल पटरी जाम रखा। इसके चलते पूर्वाचल एक्सप्रेस तथा हाजीपुर-थावे पैसेंजर ट्रेन दो घंटे तक सीवान रेलवे स्टेशन पर ही खड़ी रही।
सीवान के अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि रेल पटरी जाम कर रहे करीब 500 से ज्यादा बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें शाम को छोड़ दिया गया।
कैमूर जिले में भी बंद समर्थकों ने भभुआ-मोहनिया पथ एक घंटे तक जाम रखा बाद में प्रशासन ने बंद समर्थकों को वहां से हटा दिया।
मुंगेर जिले में बंद का कोई असर नहीं देखा गया हालांकि यहां भी कुछ बंद समर्थक ने दुकानों को बंद करवाने का प्रयास किया। मुंगेर के पुलिस अधीक्षक एम़ सुनील नायक ने बताया कि मुंगेर जिले में 24 बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के राज्य सचिव नंद किशोर प्रसाद ने दावा किया कि बिहार बंद के दौरान आम लोग भी सड़कों पर उतरे। उन्होंने बंद को पूर्णत: सफल बताते हुए राज्य सरकार को अपनी कर्मचारी विरोधी नीति को त्यागने की सलाह दी।
बंद समर्थक राजधानी पटना की सड़कों पर भी उतरे और यातायात व्यवस्था बाधित किया, परंतु पुलिस ने बंद समर्थकों को तुरंत हिरासत में ले लिया।
पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि बंद के मद्देनजर शहर के सभी चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात कर दिये गये थे। उन्होंने बताया कि पटना में 300 से ज्यादा बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
मुजफ्फरपुर में भी बंद समर्थक सड़कों पर उतर आए परंतु उनका बंद शांतिपूर्ण रहा। मुजफ्फरपुर के पुलिस अधीक्षक सुधांशु कुमार ने बताया कि कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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