पूर्व राष्ट्रपति वेंकटरामण का निधन

उनके शरीर के मुख्य अंगों ने काम कर बंद कर दिया था जिसके बाद उन्हें 12 जनवरी को आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.
उनके गुर्दों के बेकार हो जाने के बाद वे यूरोसेप्सिस की समस्या से जूझ रहे थे, इस रोग में शरीर से विषैले रसायन मूत्र के ज़रिए बाहर नहीं निकल पाते.
98 वर्षीय वेंकटरामण ने मंगवार को दोपहर ढाई बजे अंतिम साँस ली.
दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल के प्रमुख ब्रिगेडियर एके शर्मा ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति के अंतिम समय में उनकी पत्नी और दामाद उनके साथ थे.
भारत के आठवें राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल जुलाई 1987 से लेकर जुलाई 1992 तक रहा.
कांग्रेस की राजनीति से जुड़े़ रहे वेंकटरामण राष्ट्रपति बनने से पहले उप राष्ट्रपति पद पर भी रह चुके हैं.
1980 के दशक में इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में शामिल रहे थे, उन्होंने वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और योजना के उपाध्यक्ष जैसे कई अहम पदों पर काम किया.
वेंकटरामण के निधन पर सरकार ने सात दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है, इस दौरान उनके सम्मान में कोई सरकारी आयोजन नहीं किया जाएगा.
गणतंत्र दिवस के समापन समारोह 'बीटिंग द रीट्रिट' को भी रद्द कर दिया गया है.
अगले सात दिनों तक किसी सरकारी दावत या राजकीय भोज का आयोजन नहीं होगा और राष्ट्रध्वज आधा झुका रहेगा.












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