कैसे पहचानेंगे दिल के खतरे का निशान?
दरअसल, हृदय का फेल होना, हृदय की मांसपेशियों के उत्तरोत्तर कमजोर या सख्त होने की एक स्थिति है। इसके कारण हृदय की धड़क क्षमता लगातार क्षीण होती जाती है। परिणामस्वरूप शरीर के लिए जरूरी रक्त संचरण अवरुद्ध हो जाता है। इसके कारण कमजोरी व थकान महसूस होने लगती है।
दैनिक कार्यो के दौरान थकान, पैरों में कमजोरी, कफ का लगातार बने रहना, पैरों, एड़ियों में सूजन, हृदय की तेज धड़कन, सिर में हल्का दर्द या सीने में दर्द होना इस बीमारी के लक्षण हैं।
इस बीमारी के कारण अंगों व ऊतकों में तरल पदार्थ निर्मित होने लगता है। इस कारण पैरों व पंजों में सूजन हो जाता है और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।
अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ हार्ट फेल्योर नर्सेज (एएएसएफएन) की ओर से हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कुछ उपाय सुझाए गए हैं। इनमें दवाओं का सेवन, कम मात्रा में नमक का सेवन, हृदयानुकूल भोजन, नियमित व्यायाम, धूम्रपान निषेध और शराब से बचाव जैसे उपाय शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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