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इसराइल कर रहा है 48 घंटे के संघर्षविराम पर विचार

By Staff
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इसराइल कर रहा है 48 घंटे के संघर्षविराम पर विचार

इसराइली अधिकारियों ने कहा है कि मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में अन्य विकल्पों के साथ-साथ 48 घंटे के संघर्षविराम पर भी चर्चा हुई. लेकिन इसके साथ ही ये धमकी भी दी गई है कि यदि फ़लस्तीनी रॉकेट हमले जारी रहे तो इसराइली थल सेना भी कार्रवाई कर सकती है.

स्थानीय पत्रकारों के अनुसार ग़ज़ा में पिछले चार दिन के इसराइली हवाई हमलों में कम से कम 380 फ़लस्तीनी और हमास के रॉकेट हमलों में चार इसराइली मारे गए हैं. इसराइल का आरोप है कि ग़ज़ा से उसके क्षेत्रों में हमास के लड़ाकों के हमले होते हैं और इसीलिए वह यह कार्रवाई कर रहा है.

हवाई हमलों का संदर्भ ये है कि हम ग़ज़ा से बाहर चले गए थे. वहाँ हमारा कोई कब्ज़ा नहीं है. हमारे वहाँ से निकल जाने के बाद भी हज़ारों रॉकेट हमले हुए हैं. इसके बावजूद हम संघर्षविराम चाहते हैं ताकि इसराइली और फ़लस्तीनी वहाँ जीवन गुज़ार सकें. हमास ने ये (संघर्षविराम) तोड़ा है अमरीका में इसराइली राजदूत

हवाई हमलों का संदर्भ ये है कि हम ग़ज़ा से बाहर चले गए थे. वहाँ हमारा कोई कब्ज़ा नहीं है. हमारे वहाँ से निकल जाने के बाद भी हज़ारों रॉकेट हमले हुए हैं. इसके बावजूद हम संघर्षविराम चाहते हैं ताकि इसराइली और फ़लस्तीनी वहाँ जीवन गुज़ार सकें. हमास ने ये (संघर्षविराम) तोड़ा है

महत्वपूर्ण है कि हाल में इसराइल और हमास के बीच ग़ज़ा संबंधित छह महीने का संघर्षविराम ख़त्म हो गया था. हमास ने कहा था कि वह संघर्षविराम को आगे इसलिए नहीं बढ़ाना क्योंकि इसराइल ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं.

इस मुद्दे पर तेज़ हुए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के तहत पेरिस में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में तत्काल संघर्षविराम की अपील की गई है. उधर मध्यपूर्व शांति प्रक्रिया में संक्रिय संयुक्त राष्ट्र, अमरीका, रूस और यूरोपीय संघ ने संयुक्त तौर पर युद्धविराम की अपील की है.

दूसरी ओर अरब देशों के संगठन अरब लीग ने बुधवार को काहिरा में एक आपात बैठक बुलाई है.

अमरीका में प्रदर्शन

जहाँ एक ओर हिंसक गतिविधियाँ बंद कराने के अंतरराष्ट्रीय प्रयास हो रहे हैं वहीं अमरीका में लगभग तीन हज़ार प्रदर्शनकारियों ने राजधानी वॉशिंगटन की सड़कों पर रैली की है और इसराइली हमलों का विरोध किया है.

अमरीका में अनेक प्रदर्शनकारियों ने इसराइल और अमरीका के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की और उनमें से अनेक ने आरोप लगाए की उनके दिए गए कर में से अमरीकी सरकार इसराइल को असला-बारूद बनाने के लिए आर्थिक मदद दे रही है.

ग़ज़ा में इसराइली हवाई हमलों में 380 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए हैं

उधर संयुक्त राष्ट्र, अमरीका, रूस और यूरोपीय संघ ने संयुक्त तौर की गई अपील में कहा है - ''हम सभी पक्षों से ग़ज़ा की गंभीर मानवीय और आर्थिक ज़रूरतों को देखते हुए आवश्यक आपूर्ति को जारी रखने का अनुरोध करते हैं.''

इससे पहले इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा था कि ग़ज़ा में इसराइली सैन्य अभियान का अभी पहला चरण ही शुरू हुआ है.

अमरीका में इसराइली राजदूत ने कहा - "हवाई हमलों का संदर्भ ये है कि हम ग़ज़ा से बाहर चले गए थे. वहाँ हमारा कोई कब्ज़ा नहीं है. हमारे वहाँ से निकल जाने के बाद भी हज़ारों रॉकेट हमले हुए हैं. इसके बावजूद हम संघर्षविराम चाहते हैं ताकि इसराइली और फ़लस्तीनी वहाँ जीवन गुज़ार सकें. हमास ने ये (संघर्षविराम) तोड़ा है."

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