पश्चिम बंगाल की औद्योगिक सेहत बिगड़ने लगी है?
कोलकाता, 28 नवंबर(आईएएनएस)। इस राज्य से टाटा की नैनो परियोजना विदा हो चुकी है, जबकि टायर निर्माता कंपनी डनलप ने साहागंज स्थित अपनी इकाई में उत्पादन रोक दिया है। वहीं कई परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण विवाद के कारण अधर में लटक गई हैं। क्या यह पश्चिम बंगाल की बिगड़ती औद्योगिक सेहत का सबूत है?
कोलकाता, 28 नवंबर(आईएएनएस)। इस राज्य से टाटा की नैनो परियोजना विदा हो चुकी है, जबकि टायर निर्माता कंपनी डनलप ने साहागंज स्थित अपनी इकाई में उत्पादन रोक दिया है। वहीं कई परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण विवाद के कारण अधर में लटक गई हैं। क्या यह पश्चिम बंगाल की बिगड़ती औद्योगिक सेहत का सबूत है?
ऐसे घटनाक्रम राज्य के धुंधले पड़ते आर्थिक परिदृश्य की ओर संकेत कर रहे हैं। अब सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या राज्य का औद्योगिक विकास थमने लगा है? रही सही कसर आर्थिक मंदी पूरी कर रही है। जहाजरानी परियोजना से लेकर विद्युत परियोजना सभी के रास्ते में कानूनी अड़चनें आ गई हैं। जब से टाटा ने यहां से अपना बोरिया बिस्तरा बांधा है, राज्य का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बिगड़ने लगा है।
डनलप इंडिया लिमिटेड ने 17 नवंबर से अपनी उपरोक्त इकाई में उत्पादन रोक दिया है। इसके लिए आर्थिक मंदी को आधार बनाया गया है।
कोलकाता स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर अभिरूप सरकार ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "राज्य को मिलने वाले निवेश प्रस्तावों में कमी आने लगी है। अब जब मंदी का दौर आ गया है, मौजूदा प्रमुख निवेश प्रस्तावों पर अमल की उम्मीद भी टूटने लगी है।"
वैसे, कुछ विषेशज्ञों को इस परिदृश्य में बदलाव की उम्मीद है। ग्लोबसिन टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यकारी बिक्रम दासगुप्ता कहते हैं, "ऐसी तस्वीर पूरी दुनिया की है। कई निवेशकों ने राज्य में निवेश किया है। हमें उम्मीद है कि राज्य पर निवेशकों का भरोसा बरकरार रहेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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