भारत लिट्टे से प्रतिबंध नहीं हटाएगा

एम़ आर. नारायणस्वामी

एम़ आर. नारायणस्वामी

नई दिल्ली, 28 नवंबर(आईएएनएस)। श्रीलंकाई विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) पर भारत की ओर से लगाया गया प्रतिबंध हटाए जाने की कोई योजना नहीं है। आधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है।

लिट्टे नेता वी़ प्रभारकन ने अपने सालाना भाषण में भारत की जमकर तारीफ करते हुए उसे सुपरपावर की संज्ञा दी है। उसने भारत के साथ संबंध सुधारने की ख्वाहिश जताई। प्रभाकरन भारत के रुख में नरमी की उम्मीद लगाए बैठा है, पर आधारिक सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि इस संगठन को प्रतिबंध से मुक्त किए जाने की कोई योजना नहीं है।

सूत्रों ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि लिट्टे से प्रतिबंध हटाने का सवाल ही नहीं उठता। इस संगठन पर सबसे पहले 1992 में प्रतिबंध लगाया गया था। एक बार फिर इस प्रतिबंध को दो साल के लिए बढ़ा दिया गया। भारत लिट्टे पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश है।

एक अधिकारी ने कहा कि इस बार अगर प्रभाकरन के सालाना भाषण से सख्त संदेश गायब है तो इसके पीछे बदले हालात की भूमिका है। उन्होंने कहा, "इस बार प्रभाकरन ने भारत के खिलाफ जहर नहीं उगला। इसका मतलब यह नहीं कि उसका हृदय परिवर्तन हो गया है। दरअसल, सेना की अपने खिलाफ बढ़त ने उसे रुख बदलने के लिए बाध्य किया है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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