दलाई लामा की परंपरा पर विकल्प खुले : दलाई लामा (लीड-2)
धर्मशाला, 23 नवंबर (आईएएनएस)। तिब्बतियों के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने रविवार को कहा कि दलाई लामा की परंपरा को जारी रखने या न रखने का विकल्प खुला है और आवश्यकता पड़ने पर उनका उत्तराधिकारी कोई बालक अथवा बालिका हो सकती है।
धर्मशाला, 23 नवंबर (आईएएनएस)। तिब्बतियों के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने रविवार को कहा कि दलाई लामा की परंपरा को जारी रखने या न रखने का विकल्प खुला है और आवश्यकता पड़ने पर उनका उत्तराधिकारी कोई बालक अथवा बालिका हो सकती है।
पिछले 49 वर्षो से भारत में निर्वासित जीवन बिता रहे दलाई लामा ने कहा, "उत्तराधिकारी चुनने के कई तरीके हैं लेकिन मुद्दा यह है कि दलाई लामा चुने जाने की परंपरा जारी रखना है या नहीं। मेरी मौत के बाद तिब्बत के धार्मिक नेता इस बात पर चर्चा कर सकते हैं कि ऐसा होना चाहिए अथवा नहीं।" उन्होंने कहा कि मैं अंतिम दलाई लामा हो सकता हूं।
उन्होंने कहा कि उनका उत्तराधिकारी लड़का अथवा लड़की कोई भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि लड़कियां ज्यादा संवेदनशील होती हैं वैसे भी दुनिया भर में इस समय महिलाओं का ही बोलबाला है।
दलाई लामा का वास्तविक नाम तेनजिन ग्यात्सो है और वे दलाई लामा परंपरा के 14 वें सदस्य हैं। पहले दलाई लामा 15 वीं सदी में हुए थे।
तिब्बत के नेता इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर वर्तमान दलाई लामा का अपना उत्तराधिकारी चुने बिना ही देहावसान हो जाता है तो चीन की सरकार दलाई लामा के रूप में अपनी पसंद के व्यक्ति का चयन करवा सकती है।
इससे पहले दलाई लामा ने कहा कि उनकी अवकाश ग्रहण करने की कोई योजना नहीं है और वे आजीवन तिब्बत के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
करीब 600 से अधिक तिब्बती नेताओं की यहां हुई छह दिवसीय बैठक के एक दिन बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अवकाश ग्रहण करने का तो प्रश्न ही नहीं उठता। तिब्बतियों के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करना मेरा नैतिक उत्तरदायित्व है। मेरा शरीर और आत्मा सब तिब्बत का ही है।"
उन्होंने कहा कि उन्हें दृढ़ विश्वास है कि वे एक दिन तिब्बत लौट सकेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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