बिहार में नीतीश सरकार के तीन वर्ष पूरे, चौतरफा विकास का दावा
पटना, 23 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार 24 नवंबर को तीन वर्ष पूरे कर लेगी। सरकार का दावा है कि विगत तीन वर्षो में उसने लोगों के कल्याण के लिए काफी कुछ किया है, दूसरी ओर विपक्ष इन दावों को महज विज्ञापनी दावे बता रहा है।
राज्य में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पांच हजार नर्स और चिकित्सकों में 234 की नियमित बहाली तथा 1200 चिकित्सकों की अनुबंध के आधार पर बहाली की गई। इसका असर भी राज्य की चिकित्सा सेवा पर कुछ हद तक देखने को मिला है।
स्वास्थ्य मंत्री नंदकिशोर यादव का दावा है कि सरकारी अस्पतालों में जनवरी, 2006 में जहां प्रतिमाह 39 मरीज आ रहे थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 4500 हो गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005-06 में दवा के लिए कुल राशि का आवंटन मात्र दो करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 68 करोड़ रुपये हो गया है।
सरकार के मुताबिक उसने वर्ष 2008-09 में 13,500 करोड़ रुपए की विकास योजना बनाई है। इसमें सड़क निर्माण के लिए सबसे ज्यादा 1,899़ 46 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
सरकार ने अति पिछड़े और महिलाओं के साथ-साथ दलित वर्ग को भी विकास से जोड़ने की पहल की है। सरकार ने महादलित वर्ग में मुसहर, मेहतर और नट समेत 18 जातियों को शामिल किया है। राज्य के अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि करीब 50 लाख की महादलित वर्ग की आबादी अभी भी विकास से कोसों दूर है।
उधर, राज्य के अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री जीतनराम मांझी का कहना है कि सभी भूमिहीन महादलितों को आम मध्यमवर्गीय परिवारों की तरह कालोनियों में आवास उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन कालोनियों में तीन सौ की आबादी पर एक विद्यालय और स्वास्थ्य केंद्र भी खोले जा रहे हैं।
सरकार के इन दावों पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता श्याम रजक का कहना है कि नीतीश सरकार केवल विज्ञापनों की सरकार है और वास्तविकता में इस सरकार ने कुछ नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में सभी लोग सपनों के सौदागर बनकर काम कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**












Click it and Unblock the Notifications