सफलता के लिए खुद को भारतीय संस्कृति में ढाला है कर्स्टन ने
लंदन, 23 नवंबर (आईएएनएस)। कोच गैरी कर्स्टन की देखरेख में भारतीय टीम में जबरदस्त सुधार साफ दिख रहा है। कर्स्टन को इसका श्रेय मिलना चाहिए क्योंकि उन्होंने हमेशा पर्दे के पीछे रहकर काम करने पर यकीन किया है।
कर्स्टन मानते हैं कि उन्हें बतौर कोच सिर्फ इसलिए सफलता मिल रही है क्योंकि भारतीय टीम के साथ काम करने के लिए उन्होंने सबसे पहले खुद को भारतीय संस्कृति में ढाला है।
ब्रिटेन के समाचार पत्र 'टेलीग्राफ' ने कर्स्टन के हवाले से लिखा है, "लोग मुझे विदेशी कोच कहते हैं लेकिन मैं ऐसा नहीं मानता क्योंकि मैंने अपनी सोच बदल ली है। मैंने खुद को भारतीय संस्कृति में ढाल लिया है। मैं पूरी तरह भारतीय हो गया हूं। यही कारण है कि मैं यहां अभी तक सफल रहा हूं।"
कर्स्टन मानते हैं कि भारतीय खिलाड़ियों में जबरदस्त प्रतिभा है, लिहाजा उन्हें कुछ सिखाने की नहीं बल्कि प्रेरित किए जाने की जरूरत है।
रविवार को 41 वर्ष के हुए कर्स्टन ने कहा, "भारतीयों का खेल बिल्कुल अलग है। उन्हें स्वाभाविक तरीके से खेलने दिया जाना चाहिए। मेरा मानना है कि उन्हें बस प्रेरित करने की जरूरत है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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