बिहार सरकार का अपराधों पर लगाम कसने का दावा, विपक्ष ने किया दावे को खारिज
पटना, 23 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने राज्य को अपराधमुक्त करने और सुशासन देने के वादे के साथ तीन वर्ष पूर्व सत्ता संभाली थी। सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि सरकार राज्य को अपराधमुक्त करने में सफल रही है वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि इस मोर्चे पर सरकार पूरी तरह विफल रही है।
यदि अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा जारी आंकड़ों पर विश्वास करें तो वर्ष 2006 में राज्य में जहां 1,10,716 सं™ोय अपराध दर्ज किए गए वहीं वर्ष 2007 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,18,176 हो गया, जबकि इस वर्ष अक्टूबर माह तक कुल 97,399 मामले ही दर्ज किए गए।
आंकड़ों के मुताबिक अपहरण की वारदातों के लिए बदनाम हो चुके राज्य में अपहरण की घटनाओं में लगातार कमी आई है। वर्ष 2006 में जहां फिरौती के लिए 194 अपहरण की घटनाएं हुई थी वहीं 2007 में यह घटकर 89 पर आ गई। इस वर्ष यह संख्या घटकर 42 तक पहुंच गई है।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता विजय कुमार चौधरी कहते हैं कि राजग की सरकार अपराधमुक्त बिहार देने का जो वादा किया था उस पर खरी उतरी है।
उधर, राज्य सरकार के इन दावों को विपक्षी दल झूठा करार दे रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता श्याम रजक का कहना है कि राज्य में गत तीन वर्षो में तीन लाख से ज्यादा आपराधिक घटनाएं घटी हैं परंतु पुलिस कई मामलों को दर्ज ही नहीं करती। उन्होंने कहा कि यह सरकार गरीब विरोधी है और लोगों को न्याय दिलाने में भी असमर्थ रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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