देश अब और आतंकी हमले नहीं सह सकता : प्रधानमंत्री (लीड-2)

नई दिल्ली, 23 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हाल में जिस तरह के आतंकी हमले हुए हैं, उस तरह के और हमले अब देश नहीं सह सकता। इस तरह के खतरों से निपटने के लिए खुफिया तंत्र व पुलिस में सुधार जरूरी है।

प्रधानमंत्री दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में देशभर के पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, "मैं यहां सिर्फ यह कहना चाहूंगा कि समय हमारे पक्ष में नहीं है। हाल में दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरू, मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, गुवाहाटी व कुछ अन्य शहरों में जिस तरह के आतंकवादी हमले हुए हैं, उस तरह के और हमले अब हम नहीं झेल सकते।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "जब भी आतंकवादी हमले हुए, जनता ने पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की आलोचना की और सरकार की विफलता के लिए होहल्ला मचाया।''

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "मुझे पता है कि पुलिस व खुफिया एजेंसियों की सतर्कता के कारण कई सारे आतंकी हमलों को नाकाम किया गया है। लेकिन औसत तीव्रता वाली एक अकेली घटना भी तमाम प्रतिक्रियाओं को जन्म देती है और सरकार तथा इसकी विभिन्न एजेंसियों पर सवालिया निशान खड़ा करती है।''

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक पिछले 6 महीनों से भी कम समय में देश में 64 बम विस्फोट हुए। इन विस्फोटों में 215 से भी अधिक लोग मारे गए और 900 घायल हुए थे।

प्रधानमंत्री ने कहा, "मौजूदा संकट वैश्वीकृत विश्व की एक देन है। सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्वीकरण ने नए खतरे पैदा किए हैं।''

प्रधानमंत्री के अनुसार वैश्वीकरण ने आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के बीच की दूरी को और भी धुंधला बना दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की दुनिया में आतंकवाद को सबसे बड़े संकट के रूप में देखा जा रहा है। आतंकवादी अपनी विध्वसंक गतिविधियों के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहे हैं।

उन्होंने पुलिस प्रमुखों से आह्वान किया कि आतंकवाद से निपटने के लिए वे भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करें। मनमोहन सिंह ने कहा कि आतंक के वैश्वीकरण ने आतंकवाद को और भी खतरनाक बना दिया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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