औद्योगिक विकास दर में सुधार

उल्लेखनीय है कि अगस्त में औद्योगिक विकास की दर गिरकर 1.3 फ़ीसदी रह गई थी.
केंद्रीय सांख्यिकी संस्थान ने औद्योगिक विकास के जो सूचकांक बुधवार को जारी किए हैं उसके अनुसार भारत में निर्माण क्षेत्र के विकास की दर 4.8 फ़ीसदी हो गई है, हालांकि सितंबर, 2007 में ये 7.45 प्रतिशत थी.
विशेषज्ञों का कहना है कि अर्थव्यवस्था में आई मंदी से निपटने के लिए भारत सरकार ने कुछ कड़े क़दम उठाए हैं जिनकी वजह से औद्योगिक विकास की दर थोड़ी संभली है.
सांख्यिकी संस्थान का कहना है कि विकास दर में ये सुधार पूंजीगत माल के उत्पादन में 18.8 फ़ीसदी की वृद्धि के कारण हुआ है.
हालांकि पिछले साल के 20.09 फ़ीसदी के स्तर की तुलना में इसमें गिरावट आई है.
ग़ौरतलब है कि इसके पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई थी कि आर्थिक संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर अगले वर्ष सात प्रतिशत तक रहेगी.
हाल में ओमान के दौरे पर भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था, '' वर्तमान परिस्थितियों में अगले साल वृद्धि दर के कम हो सकती है लेकिन मुझे पूरी उम्मीद है कि हम अगले वर्ष भी सात से साढ़े सात प्रतिशत की वृद्धि दर ज़रुर पा लेंगे.''
उल्लेखनीय है कि इसी महीने रिज़र्व बैंक ने अपने अनुमान में कहा था कि अगले वर्ष अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.7 रह सकती है. प्रधानमंत्री का अनुमान इससे थोड़ा कम है.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के विश्व आर्थिक परिदृश्य में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर क़रीब 6.3 प्रतिशत आंकी गई है.












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