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आतिफ ही नहीं, नुसरत की भी सरजमीं है आजमगढ़

By Staff
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    आजमगढ़, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। नुसरत खान। इस नाम से भले ही आप और हम अच्छी तरह वाकिफ नहीं हैं लेकिन यह शख्स उसी आजमगढ़ की सरजमी से ताल्लुक रखता है जिसको आजकल आतंकवाद की पौध कहा जा रहा है।

    आजमगढ़, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। नुसरत खान। इस नाम से भले ही आप और हम अच्छी तरह वाकिफ नहीं हैं लेकिन यह शख्स उसी आजमगढ़ की सरजमी से ताल्लुक रखता है जिसको आजकल आतंकवाद की पौध कहा जा रहा है।

    नुसरत ने इस वर्ष के उत्तरांचल प्रांतीय न्यायपालिका सेवा परीक्षा में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। एक वर्ष के प्रशिक्षण के बाद वह न्यायाधीश बन जाएगा और अपनी कलम से कई की तकदीर लिखने का काम करेगा।

    वह जिले के उसी शिब्ली इंटर कालेज(एसआईसी) का छात्र रहा है जहां से दिल्ली के जामिया नगर में मारे गए संदिग्ध आतंकवादी आतिफ अमीन ने तालीम हासिल की थी।

    इस संदर्भ में खुद नुसरत का कहना है, "मैं नहीं जानता कि एसआईसी से किसी आतंकवादी ने शिक्षा प्राप्त की है। मैं तो इतना जानता हूं कि इस विद्यालय और इसके अध्यापकों ने मेरे कैरियर में महत्वपूर्ण भमिका निभाई है।"

    एसआईसी के प्रधानाध्यापक अबू मोहम्मद ने कहा कि नुसरत की उपलब्धि पर सिर्फ उनका विद्यालय ही नहीं बल्कि पूरा आजमगढ़ गौरवान्वित महसूस करेगा। उनका कहना है कि नुसरत की सफलता के बाद आजमगढ़ पर बदनामी की जो कालिख लग रही है उसमें कमी आएगी।

    गौरतलब है कि 26 वर्षीय नुसरत ने एसआईसी से शिक्षा लेने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से वकालत की डिग्री हासिल की और अब वह एक न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठने की तैयारी में है।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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