उपेक्षित पड़ा है बांग्लादेश स्थित रबींद्रनाथ टैगोर संग्रहालय
ढाका, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। नोबल पुरस्कार विजेता साहित्यकार गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर के परिवार का शहजादपुर स्थित पूर्व आवास जो अब एक संग्रहालय में तब्दील हो चुका है, धन और देखरेख की कमी के चलते एक अरसे से उपेक्षित पड़ा है।
मीडिया द्वारा जारी रिपोर्टों के अनुसार शहजादपुर के कचहरीबाड़ी में स्थित कविवर रबींद्र का पूर्व आवास इन दिनों बेहद खस्ता हालत में है और इसे तत्काल धन की आवश्यकता है ताकि संरक्षण के लिए देखरेख करने वालों की नियुक्ति की जा सके।
यहां स्थित संग्रहालय की देखरेख करने वाली नाहिद सुल्ताना ने समाचार पत्र 'द डेली स्टार' को बताया कि रोज कई पर्यटक यहां आते हैं लेकिन यहां उनके लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। यहां तक कि उनके लिए कोई विश्रामगृह अथवा शौचालय तक नहीं है।
उल्लेखनीय है कि 'रबींद्र मेमोरियल म्यूजियम' में उनके परिवार की वस्तुएं जिनमें हुक्का, जूते, लकड़ी की चप्पलें, वाटर फिल्टर, पियानो सोफा, पालकी चश्मे, हारमोनियम, तश्तरी, बर्तन और कुछ तस्वीरें भी रखी हुई हैं। उचित देखभाल के अभाव में ये वस्तुएं खराब होती जा रही हैं।
हारमोनियम और पियानो जैसे वाद्य यंत्र पहले ही खराब हो चुके हैं। सोफा और पालकी में दीमक लग चुके हैं। इसके अलावा किताबें तथा तस्वीरें खराब होती जा रही हैं।
पुरातत्व विभाग का स्थानीय कार्यालय इसकी देखरेख न कर पाने के लिए धन और श्रमशक्ति की कमी को जिम्मेदार ठहराता है। विभाग के सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि अगर पर्याप्त धनराशि और आदमी उपलब्ध कराए जाएं तो इस संग्रहालय की उचित देखभाल की जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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