परमाणु करार देश की संप्रभुता व सामरिक स्वायत्तता को प्रभावित करने वाला : भाजपा
बेंगलुरू, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कहना है कि केंद्र की कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने लगभग साढ़े चार वर्षो के अपने शासनकाल में राष्ट्र हितों को ताक पर रख दिया गया है। इसके चलते देश हित पर गंभीर संकट व्याप्त हो गया है।
देश के हाई-टेक शहरों में शुमार किए जाने वाले बेंगलुरू में चल रही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन राजनीतिक प्रस्ताव के जरिए भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते, जम्मू कश्मीर, सिमी और आतंकवाद के मुद्दे पर संप्रग सरकार की तीखी आलोचना की गई।
परमाणु करार के मौजूदा स्वरूप को गैर बराबरी वाला बताते हुए भाजपा ने कहा है कि वर्तमान स्वरूप में यह करार भारत की सामरिक संप्रभुता और परमाणु परीक्षण के अधिकार को गहरे खतरे में डालता है। भाजपा ने कहा है कि वह भारत के परमाणु परीक्षण के अधिकार पर किसी भी तरह की सौदेबाजी को स्वीकार नहीं करेगी।
प्रस्ताव में जम्मू कश्मीर की हालिया घटनाओं के बारे में कहा गया है कि संप्रग सरकार की घोर उदासीनता ने राज्य में अलगाववादी राजनीति को भड़काने में मुख्य भूमिका निभाई है। अमरनाथ भूमि विवाद मामले में सरकार ने अलगाववादियों के सामने घुटने टेक दिए। लेकिन राष्ट्रवादी शक्तियों के व्यापक जन समर्थित आंदोलन ने सरकार को अपने आदेश वापस लेने के लिए विवश कर दिया। भाजपा ने घाटी में अलगाववादी तत्वों से कठोरतापूर्वक निपटने की मांग की है।
आतंकवाद के खिलाफ नरम रवैया अपनाने का केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए पार्टी ने सिमी और हूजी जैसे आतंकवादी संगठनों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। पार्टी ने आतंकवाद पर काबू पाने के लिए सीमाओं पर चौकसी मजबूत करने के साथ-साथ पाकिस्तान पर राजनयिक दबाव बनाने की भी मांग की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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