गुर्जरों ने वार्ता का निमत्रंण ठुकराया
जयपुर, 25 मई (आईएएनएस)। राजस्थान में अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग कर रहे आंदोलनकारी गुर्जरों पर पुलिस द्वारा चलाई गई गोली में मरने वालों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। इस बीच गुर्जर नेताओं ने राज्य सरकार के वार्ता के निमंत्रण को ठुकरा दिया है।
राज्य के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने रविवार को बताया कि पुलिस द्वारा शनिवार शाम दौसा जिले के सिंकदरा में गुर्जर आंदोलनकारियों पर चलाई गई गोली में करीब 18 लोगों की मौत हुई है और 20 घायल हुए हैं। कटारिया ने आईएएनएस को बताया कि शनिवार रात में चार नई मौतों के समाचार मिले हैं।
कटारिया ने कहा कि गुर्जर नेता कर्नल के.एस. बैंसला को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से वार्ता के लिए आज जयपुर आमंत्रित किया गया है। लेकिन गुर्जर समुदाय के एक नेता ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने सरकार के वार्ता के निर्णय को ठुकरा दिया है।
उपद्रवग्रस्त क्षेत्रों में हिंसा पर काबू पाने के लिए शनिवार शाम को सेना को बुला लिया गया।
कटारिया ने कहा कि गुर्जर आंदोलनकारियों ने अभी भी सिकंदरा में जयपुर-आगरा राजमार्ग और डुमरिया में दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग जाम को जाम कर रखा है।
ऐसे समाचार मिले हैं कि एक कुख्यात डकैत जगन गुर्जर भी रेल रोको आंदोलन में शामिल हो गया है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक ए.एस गिल ने कहा कि करीब 6000 लोगों ने डुमरिया में रेल मार्ग जाम कर रखा है। पुलिस उनको तितर- बितर करने की योजना पर विचार कर रही है।
गिल ने बताया कि कई गुर्जर नेताओं को गिरफ्तार किया गया है जिनमें प्रह्लाद गुर्जर और अत्तर सिंह भड़ाना शामिल हैं।
राज्य सरकार ने कई इलाकों में सरकारी परिवहन सेवाओं का परिचालन रोक दिया है। गुर्जरों ने इस बीच राजसमंद जिले में जयपुर-कोटा, जयपुर-आगरा और जयपुर-दिल्ली राजमार्ग जाम भी करने करने की कोशिश की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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