अफगानिस्तान में सेना की तैनाती के खिलाफ हैं नीदरलैंड वाली
एम्सटर्डम, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। नीदरलैंड के 60 फीसदी से ज्यादा नागरिकों का मानना है कि अगर अफगानिस्तान में तैनात उनके सैनिकों में मरने वालों की संख्या 25 तक पहुंच जाती है तो सरकार को चाहिए कि वह वहां से अपने सैनिकों को वापस बुला ले।
अफगानिस्तान में तैनात नीदरलैंड के कुल 1600 सैनिकों में से अब तक 16 की मौत हो चुकी है। मरने वाले सैनिकों में नीदरलैंड के सैन्य प्रमुख जनरल पीटर वान उहम का 23 वर्षीय बेटा भी शामिल था।
कुल 25 फीसदी नागरिकों का मानना है कि मृतकों की संख्या का उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की शांति सेना से नीदरलैंड के अलग होने से कोई लेना देना नहीं है।
ये निष्कर्ष इंटरनेट पर किए गए एक सर्वेक्षण से सामने आए हैं जिसमें 11,000 लोगों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि नीदरलैंड के सैनिक अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत उरुझान में नाटो के मिशन के तहत तैनात हैं। नीदरलैंड ने कहा है कि उसके सैनिक 2010 तक अफगानिस्तान में रहेंगे।
नीदरलैंड के 49 फीसदी नागरिकों ने नाटो की सेना में अपने देश की भागीदारी का विरोध किया जबकि 46 फीसदी ने इसका समर्थन किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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