पश्चिम के बैंकरों ने ली पूर्व में शरण
लंदन, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। बैंकिंग सेवा क्षेत्र से जुड़े लंदन और न्यूयार्क के आला कंपनी अधिकारी अब मुंबई समेत एशिया के दूसरे वित्तीय क्षेत्रों की ओर रुख करने लगे हैं।
समाचार पत्र 'टाइम्स' में आज छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के सब-प्राइम बाजार में उभरे संकट से उपजी परिस्थितियों ने उन्हें ऐसा करने पर मजबूर किया है।
पत्र ने कहा है कि लंदन और न्यूयार्क की विपरीत परिस्थितियों में बैंकिंग पेशेवरों के पास दो विकल्प हैं- वे मुंबई, दुबई और शंघाई जैसे एशियाई वित्तीय केंद्रों का रुख करें या फिर इस क्षेत्र से बाहर हो जाएं।
मेरिल लिंच, मोर्गन स्टेन्ले, बर्कलेज कैपिटल और सिटीग्रुप ऐसी प्रमुख वित्तीय संस्थाएं हैं जहां के वरिष्ठ अधिकारी नौकरी की तलाश में हांग कांग, सिंगापुर और मुंबई जा रहे हैं।
अखबार ने 'क्लार्क एंड केंट' के प्रबंध निदेशक सुदर्शन नारायण के हवाले से कहा है कि पिछले दो वर्षो के दौरान पूर्वी देशों के बैंकों का कार्यभार संभालने वाले पश्चिमी देशों के बैंकरों की संख्या में सालाना 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
एक अंतर्राष्ट्रीय बैंकर ने लंदन से हांग कांग स्थांतरण से संबंधित आंतिरक निर्देश पत्र में कहा है, "भारत और चीन में हमारे लिए सबसे बेहतर अवसर हैं। हमें अपने वरिष्ठ और सफल बैंकरों को वहां भेजना चाहिए।"
अखबार ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से लिखा है कि स्विस बैंक 'यूबीएस' अमेरिकी सब-प्राइम संकट के कारण हुए इसके शीर्ष प्रबंधन में उथल-पुथल से घबराकर लंबी अवधि के दौरान भारत में वित्तीय प्रबंधन कारोबार शुरू करने की योजना बना रहा है।
बताया जाता है कि यूबीएस को सब-प्राइम संकट के कारण 37 अरब डालर का नुकसान हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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