रूपए की मजबूती से निर्यातकों पर पड़ रही है दोहरी मार
नयी दिल्ली.14 अक्टूबर .वार्ता. डालर के मुकाबले रूपए मजबूती से वैश्विक बाजार में अन्य देशों की तुलना में भारतीय निर्यातकों की तुलनात्मक बढत न केवल कम हो रही है वरन इसके चलते सस्ते पडते आयात से उनके मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है
भारतीय उद्योग परिसंघ.सीआईआई के अध्यक्ष सुनील मित्तल ने बयान में भारतीय निर्यातकों की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले एक साल में डालर के मुकाबले रूपए का मूल्य 11.8 फीसदी बढा है1 दूसरी आेर भारत के प्रतिस्पर्धी देशों की मुद्राओं में मूल्य इतना नहीं बढ़ा है और कुछ के मामले में तो अवमूल्यन भी हुआ है
श्री मित्तल ने बताया कि कपड़ा.सिले सिलाए वस्त्र और चमडे के क्षेत्र में भारत के प्रतिस्पर्धी देश मसलन चीन की मुद्रा यूआन 3.6फीसदी. पाकिस्तानी रूपए 0.3 प्रतिशत.बंगलादेशी टका3.2 फीसदी बढा है1 दूसरी आेर श्रीलंका का रूपया 4.7 प्रतिशत कमजोर हुआ है1 इससे इस वर्ष जनवरी से भारतीय निर्यात महंगा हुआ है
इसी तरह इस्पात क्षेत्र में भारतीय प्रतिस्पर्धियों की बात की जाए तो दक्षिण कोरिया की मुद्रा 2.3 प्रतिशत और थाईलैंड की मुद्रा 10.4 फीसदी मजबूत हुई है1 चीन भी इस क्षेत्र में भारत का प्रमुख प्रतिस्पर्धी है1 रूपए की मजबूती से वाहन पुजो के निर्यात पर भी बुरा असर पड रहा है
सुभाष.नंद182
जारी.वार्ता












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