Success Story: सफाईकर्मी की बेटी ने पहले प्रयास में किया UPSC क्रैक, कहती हैं-'सफलता का शार्टकट नहीं होता'
Success Story: जहां चाह है वहीं राह है...और इस बात को पूरी तरह से सत्यापित किया है मंडी की बेटी तरुणा कमाल ने, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से ना केवल देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी एग्जाम को क्रैक किया।
बल्कि सफलता की एक नई इबादत भी लिखी, इसलिए सक्सेस स्टोरी की इस कड़ी में हम आज बात करेंगे हिमाचल की इस होनहार बाला की, जो आज लाखों लोगों के लिए मिसाल हैं।

आपको बता दें कि तरुणा , हिमाचल राज्य के मंडी की रहने वाली हैं, उनके पिता बल्ह घाटी गांव में सफाई ठेकेदार हैं, भले ही वो गांव में रहती थीं लेकिन उनके पिता ने उन्हें कभी भी आगे बढ़ने से रोका नहीं। तरुणा शुरू से ही काफी मेधावी थीं और इसी कारण उनके पिता को लगता था कि वो आगे चलकर कुछ बड़ा ही करेंगी।
मॉडर्न पब्लिक स्कूल रत्ती से 12वीं की पढ़ाई की ( IAS Success Story)
आपको बता दें कि तरुणा ने मॉडर्न पब्लिक स्कूल रत्ती से 12वीं की पढ़ाई की और इसके बाद इनका सेलेक्शन वेटरनरी सर्जन के लिए हो गया था, इन्होंने वहां भी ट्रेनिंग पूरी की लेकिन तरुणा के सपने कुछ और थे और इसी कारण उन्होंने वेटनेरी की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद UPSC एग्जाम देने का फैसला किया और दिन-रात उसी की तैयारी में जुट गईं।
रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई करती थीं तरुणा कमाल
उन्होंने UPSC के पहाड़ जैसे सिलेबस को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा और फिर उसके नोट्स बनाएं, वो रोजाना सुबह 4 बजे उठती थीं और लगातार 7-8 घंटे पढ़ाई करती थीं।
उन्होंने पूरे एक साल तक टफ दिनचर्या का पालन किया , उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पहले ही प्रयास में UPSC एग्जामको क्रैक कर लिया वो भी 203वीं रैंक के साथ और इस तरह से हिमाचल के गांव की बिटिया अफसर बन गई।
किताबों का जो ज्ञान है, वो किसी इंटरनेट पर नहीं मिलता
तरुणा लोगों के लिए मिसाल हैं, वो हमेशा कहती हैं कि 'अगर आप किसी भी चीज को करने की ठान लो तो निश्चित तौर पर आप विजयी होंगे, किताबों का जो ज्ञान है, वो किसी इंटरनेट पर नहीं मिलता है।'
अपना सौ प्रतिशत देते हुए मेहनत करें तो...
'अगर आप नियम बद्ध तरीके से अपनी पढ़ाई पूरी करें तो अपना सौ प्रतिशत देते हुए मेहनत करें तो निश्चित तौर पर आपको सक्सेस मिलकर ही रहेगी।' वो हमेशा से सेल्फ स्टडी को महत्व देती आई हैं।
सफलता का शार्टकट नहीं होता- तरुणा
26 जनवरी 1997 को जन्मी तरुणा का मानना है कि 'सफलता का आधार केवल कड़ी मेहनत है और इसका दूसरा कोई शार्ट कट नहीं होता है इसलिए मेहनत और असफलताओं से ना घबराएं और निरंतर प्रयास करते रहें, निश्चित तौर पर सफलता आपको ही नसीब होगी।'












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