Neha Saini Success Story: मैकेनिक की बेटी बनी IES अफसर, बचपन में एक हाथ खोकर भी नहीं हारी हिम्‍मत

Neha Saini Sujangarh Churu: भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) में अफसर बनी नेहा सैनी राजस्‍थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ की रहने वाली है।

Neha Saini IES Officer: बचपन में एक खोया। परिवार में आर्थिक संकट झेला। इसके बावजूद हिम्‍मत नहीं हारी। खूब पढ़ाई-लिखाई की। मेहनत करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। नतीजा यह रहा कि इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज की अफसर बन गई। नाम है नेहा सैनी।

नेहा सैनी की सक्‍सेस स्‍टोरी उन लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है, जो सोचते हैं कि छोटे गांव-कस्‍बों में पैदा होकर कामयाबी के शिखर को नहीं छूआ जा सकता है। अफसर बनने के लिए कॉन्‍वेंट स्‍कूलों में पढ़ना जरूरी है। नेहा सैनी राजस्‍थान के चूरू जिले के छोटे से कस्‍बे सुजानगढ़ की रहने वाली है।

Motivational Story

इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज (IES) परीक्षा पास करने वाली नेहा सैनी को फरवरी 2023 को मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज में नियुक्ति मिली। 40 हफ्तों की ट्रेनिंग के बाद इसी शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू के सामने प्रजेंटेशन देने का अवसर मिला, जिसमें नेहा सैनी ने ट्रेनिंग के दौरान के अपने अनुभवों को शेयर किया।

मीडिया से बातचीत में नेहा ने बताया कि उनके पिता सीताराम सैनी सुजानगढ़ में ही मोटर मैकेनिक का काम करते हैं। माता-पिता ने नेहा को पढ़ने लिखने को भरपूर अवसर दिया। सुजानगढ़ व सीकर से पढ़ाई करवाई। अजमेर के गवर्नमेंट महिला इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की।

नेहा के अनुसार उसने बचपन में एक हाथ गंवा दिया था। स्‍कूल में सब बच्‍चे चिढ़ाते थे। गली-मोहल्‍ले के लोग भी एक हाथ की वजह से मजाक बनाते थे, मगर माता-पिता ने कभी हौसला नहीं टूटने दिया। हमेश मॉटिवेट करते रहे।

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