IASP 2023: कौन हैं क्यवल्या रेड्डी? 14 साल की उम्र में खोजा एस्टेरॉयड, अब अंतरिक्ष मिशन पर
भारत की क्यवल्या रेड्डी सबसे कम उम्र की अंतरिक्ष यात्री बनने जा रही हैं। उन्हें नासा के सहयोग से मैक्सिकन अंतरिक्ष एजेंसी एक्सा एयरोस्पेस मिशन के लिए चयन किया गया है।

IASP 2023: 14 वर्ष की उम्र में ही कुंचला क्यवल्या रेड्डी (Kunchala Kyavalya Reddy) ने अपने टैलेंट का परिचय दे दिया था। उन्होंने एक एस्टेरॉयड को खोजकर सबकों चौंका दिया था। जब क्यवल्या ने क्षुद्रग्रह को खोजा तो वे 10वीं क्लास की छात्रा थीं। अब जब वे 12 कक्षा में हैं तो अमेरिका में स्पेस एजेंसी नासा के सहयोग से संचालित किए जाने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय वायु और अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए चुना गया है।
कुंचला क्यवल्या रेड्डी नवंबर में शुरू होने वाले स्पेस मिशन (Dream Space Odyssey) का हिस्सा बनेंगी। ये अमेरिका के हंट्सविले, अलबामा में सप्ताह भर का एक रोमांचक मिशन होगा। ये वो मौका होगा जब कुंचला को एयरोस्पेस इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स के अनुभव जानने का मौका मिलेगा। कुंचला क्यवल्या रेड्डी अपनी इस यात्रा के लिए काफी उत्साहित हैं।
ड्रीम स्पेस ओडिसी कुंचला के लिए किसी सपने से कम नहीं है। वे आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले की निवासी हैं। कुंचला इंटरमीडिएट की छात्रा हैं। वे अपनी इस उपलब्धि को लेकर कहती हैं, "यह एक दुर्लभ अवसर है। मैं इसे एक अंतरिक्ष यात्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षा की दिशा में पहले कदम मानती हूं। मैं इसमें सफलता के जरिए भारत का मान बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास करूंगी।"
कौन हैं कुंचला क्यवल्या रेड्डी?
कुंचला क्यवल्या बचपन से ही टैलेंडेट गर्ल हैं। जब वे 14 वर्ष की थीं तो उन्होंने मेन-बेल्ट क्षुद्रग्रह 2021 CM 37 की पहचान की थी। ये एस्टेरॉयड मंगल और बृहस्पति के बीच मौजूद था। इस खोज में उन्होंने IASC के डेटा का सहारा लिया था। एस्टेरॉड को PAN STARRS टेलीस्कोप के माध्यम से देखा गया। कुंचला ने ये खोज वर्ष 2021 में की थी। इसके लिए उन्हें प्रमाण पत्र भी मिला था। कुंचला को ये पुरस्कार स्पेसपोर्ट इंडिया गामा के एस्टेरॉयड खोजने के अभियान में सफलता मिला था। कुंचला ने स्पेसपोर्ट इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक प्रमुख समीर सचदेवा से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
वंडर बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है नाम
एस्टेरॉयड की खोज के लिए कुंचला को इस खोज के लिए सीएम जगन रेड्डी से 1 लाख रुपये के नकद पुरस्कार भी दिया था। इसके अलावा कुंचला के नाम एक और रिकॉर्ड है। जब उन्होंने जर्मनी द्वारा आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी प्रतियोगिता में 1 मिनट 38 सेकंड के भीतर आवर्त सारणी बताकर विश्व रिकॉर्ड बनाया और इंटरनेशनल वंडर बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया।












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