सेफ होली, हैप्पी होली: जश्न से पहले अपनाएं सावधानी की ढाल, जानिए एक्सपर्ट्स की सलाह
होली रंगों और खुशियों का त्योहार है। इस दिन लोग काम की चिंता छोड़कर मस्ती, संगीत और रंगों में डूब जाते हैं। लेकिन अक्सर इस उत्साह में सेहत का ध्यान नहीं रखा जाता। हर साल होली के दौरान अस्पतालों में त्वचा एलर्जी, आंखों में संक्रमण, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), और ब्लड प्रेशर या शुगर लेवल बढ़ने जैसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। अच्छी बात यह है कि थोड़ी सावधानी और कुछ आसान कदम अपनाकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है।

आंखों की सुरक्षा
थोड़ा सा रंग भी आंखों में चला जाए तो लालपन, सूजन और दर्द हो सकता है। अगर आंखों को ज्यादा रगड़ा जाए तो कॉर्निया को नुकसान भी पहुंच सकता है। इसलिए आंखों को बचाकर रखें और जरूरत हो तो चश्मा लगाएं। होली अक्सर धूप में खेली जाती है। नाचने-कूदने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ज्यादा मिठाई, तला-भुना खाना और शराब भी सेहत पर असर डाल सकते हैं। जिन लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल या किडनी की बीमारी है, उन्हें खास सावधानी रखनी चाहिए। दवाइयां समय पर लें और खाने-पीने में संयम रखें।
थोड़ी तैयारी, बड़ी सुरक्षा
होली में सावधानी बरतने का मतलब मज़ा कम करना नहीं है। इसका मतलब है समझदारी से जश्न मनाना। एंटी-एलर्जी दवाइयां, फर्स्ट-एड किट, साफ पानी और जरूरी दवाएं पास रखें। शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें।
बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग केमिकल, धूप और खान-पान में बदलाव को जल्दी सहन नहीं कर पाते। उनके लिए हल्के रंग इस्तेमाल करें, छांव में खेलने की व्यवस्था करें और पौष्टिक खाना दें। होली खुशियों का त्योहार है। थोड़ी सी तैयारी और सतर्कता से आप इसे सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं।
एक्सपर्ट की सलाह
स्टेरिस हेल्थकेयर के जीवन कसारा का मानना है, होली हमारे यहां मनाए जाने वाले सबसे जीवंत त्योहारों में से एक है। लेकिन यह शरीर को कई तरह के तनावों से भी प्रभावित कर सकती है, जैसे फर्टिलाइजर रंग, धूप में रहना,खाने में खाने पीने में देरी, डिहाइड्रेशन और कभी-कभी शराब। दुर्भाग्य से, हमें ऐसे मामले भी देखने को मिलते हैं। जहाँ मरीज अपने शरीर के चेतावनी संकेतों, जैसे खुजली, आंखों में जलन, चक्कर आना या शुगर में उतार-चढ़ाव को तब तक नज़रअंदाज करते हैं जब तक कि स्थिति इतनी खराब न हो जाए कि उन्हें डॉक्टर से सलाह लेनी पड़े। होली की देखभाल बहुत सरल है। सुरक्षित और सही रंगों को चूज करें, अपनी स्किन और आंखों को अच्छी तरह से सुरक्षित रखें, पर्याप्त पानी पिएं, दवा लें, भले ही आपको भूख न लगे। साथ ही साथ अपने शरीर की सुनें। सही ढंग से होली मनाने से यह भी तय होता है कि त्योहार के दिन आपको अस्पताल और डॉक्टरों के चक्कर न काटने पड़ें।
-
क्या जिंदा है खामेनेई? दुनिया को दिया गया धोखा? पूर्व जासूस का दावा- 2-3 लोगों को पता है सुप्रीम लीडर कहां हैं -
Silver Price Today: चांदी में बड़ी गिरावट! 29000 रुपये सस्ती, 36 दिन में ₹1.25 लाख गिरे दाम, क्या है रेट? -
तो इसलिए बदले जा रहे CM, गवर्नर–सीमांचल से नया केंद्रशासित प्रदेश? नया राज्य या UT बनाने के लिए क्या है नियम? -
IPS LOVE STORY: प्यार के आगे टूटी जाति की दीवार! किसान का बेटा बनेगा SP अंशिका वर्मा का दूल्हा -
T20 World Cup फाइनल से पहले न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ने लिया संन्यास, क्रिकेट जगत में मची खलबली, फैंस हैरान -
Balen Shah Rap Song: वो गाना जिसने बालेन शाह को पहुंचा दिया PM की कुर्सी तक! आखिर क्या था उस संगीत में? -
PM Kisan Yojana: मार्च की इस तारीख को आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त! क्या है लेटेस्ट अपडेट? -
क्या कंगना रनौत ने चुपचाप कर ली सगाई? कौन है BJP सांसद का मंगेतर? इंटरनेट पर क्यों मचा हंगामा? जानें सच -
IND vs NZ Final: फाइनल से पहले सन्नाटे में क्रिकेट फैंस! आज अपना आखिरी मैच खेलेंगे कप्तान सूर्यकुमार यादव? -
UPSC में 301 रैंक पर 2 आकांक्षा सिंह! ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती या वाराणसी की डॉक्टर-कौन हुआ पास, क्या है सच? -
पिता की चिता को मुखाग्नि देने के बाद दिया इंटरव्यू, रूला देगी UPSC क्रैक करने वाली जूही दास की कहानी -
IAS IPS Love Story: 'ट्रेनिंग के दौरान कर बैठे इश्क',कौन हैं ये IAS जिसने देश सेवा के लिए छोड़ी 30 लाख की Job?












Click it and Unblock the Notifications