पुल ही नहीं नदी भी चाहिए
चुनावी मौसम में नेताजी संता के गांव पहुंच गए। नेता अपने वादे गिना रहा थे।
संता: बोला हमें अपने गांव के लिए पुल चाहिए।
नेताः लेकिन तुम्हारे गांव में तो नदी ही नहीं है पुल का क्या करोगे?
संताः तो हमें नदी भी चाहिए।
संता:अपनी मम्मी के साथ बाजार जा रहा था कि वहां उसकी मैथ की टीचर मिल गईं।
टीचरः संता मम्मी को बताओ कि मैं कौन हूं।
संता: मुर्गी।
टीचरः तुम्हारा दिमाग खराब है क्या मैं तुम्हें मुर्गी दिखाई देती हूं
संता:अगर तुम मुर्गी नहीं हो तो हर टेस्ट में अंडा क्यों देती हो....
साहित्य की टीचर बच्चों को पढ़ा रही थी
टीचरः बताओं तुम्हें सबसे अच्छा लेखक कौन लगता है
संता:आपकी बेटी, हर हफ्ते मुझे एक अच्छा लैटर लिखकर भेजती है।













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