International Mountain Day: जानिए क्यों मनाया जाता है 'अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस', क्या है इतिहास
International Mountain Day: जानिए क्यों मनाया जाता है 'अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस', क्या है इतिहास
नई दिल्ली, 11 दिसंबर: अंतरराष्ट्रीय पर्वतीय दिवस हर साल 11 दिसंबर को मनाया जाता है। ये तारीख संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजी) द्वारा निर्दिष्ट की गई है। संयुक्त राष्ट्र की वेबसाइट के मुताबिक पहाड़ दुनिया की आबादी का 15 फीसदी हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस को मनाने का मकसद पहाड़ों के संरक्षण और इसकी समृद्ध जैव विविधता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय पर्वतीय दिवस 2003 से मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय पर्वतीय दिवस पर्वतीय विकास में अवसरों और बाधाओं को उजागर करने, दुनियाभर के लोगों में पहाड़ों के महत्व को समझाने के लिए जागरूरता पैदा करना है।
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अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस 2021 की थीम क्या है?
अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस 2021 की थीम है-सस्टेनेबल माउंटेन टूरिज्म। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक पर्वतीय पर्यटन वैश्विक पर्यटन का लगभग 15-20 प्रतिशत आकर्षित करता है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा, ''यह प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने, स्थानीय शिल्प और उच्च मूल्य वाले उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय त्योहारों जैसे कई पारंपरिक प्रथाओं का जश्न मनाने का एक तरीका है।"
अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस का इतिहास
अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाने की पहल 1992 में उस वक्त हुई थी, जब यूएन ने अपने एजेंडा 21 के अध्याय 13 के तहत ''प्रबंधनीय पारिस्थितिक तंत्र: सतत पर्वत विकास'' को लाया गया है। इस एजेंडे के तहत पहाड़ पर रहने वाले लोगों के जीवन पर ध्यान दिलाया गया है। इसलिए पहाड़ों के महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2002 को संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय पर्वत वर्ष घोषित किया। जिसके बाद 11 दिसंबर, 2003 से अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाया जाने लगा। 2003 के बाद से हर साल अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाया जाता है और इसके लिए यूएन की ओर से थीम भी दी जाती है।












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