Fact Check: क्या सच में मायावती ने कहा कि सपा को हराने के लिए भाजपा को वोट दो
नई दिल्ली, 23 जनवरी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए तमाम राजनीतिक दल अपनी जोर-आजमाइश कर रहे हैं। अपनी पार्टी की जीत के लिए हर राजनीतिक दांव-पेंच लगा रहे हैं। लेकिन ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इन तमाम राजनीतिक उठापटक के बीच कई अफवाह और सोशल मीडिया पर गलत खबरें भी तेजी से वायरल हो रही हैं। इसी कड़ी में बसपा सुप्रीम मायावती की एक खबर काफी तेजी से वायरल हो रही है,जिसमे दावा किया गया है कि मायावती ने लोगों से कहा है कि सपा को हराना है, भले भाजपा को वोट देना पड़े।

आईबीसी की खबर के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल ही रही खबर में एक अखबार की कटिंग को शेयर किया जा रहा है, जिसकी हेडिंग है, बागी विधायक निलंबित, माया बोलीं सपा को हराना है, भले भाजपा को वोट देना पड़े। इस खबर को सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग शेयर कर रहे हैं। अनिल भार्गव नाम के सोशल मीडिया यूजर ने इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, बसपा सुप्रीम माननीया बहन मायावती जी का जुबानी बयान सपा को हराना है, भले भाजपा को वोट देना पड़े। खबर में प्रियंका गांधी का भी बयान है जिसमे वह कहती हैं अब क्या इसके बाद भी कुछ बाकी है। खबर में निलंबित विधायकों के नाम भी लिखे गए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल इस खबर की पड़ताल करने प पता चला कि मायावती ने 2020 में इन पार्टी के कुछ विधायकों को निलंबित कर दिया था। इन विधायकों पर आरोप था कि इन्होंने बसपा के राज्यसभा उम्मीदवार रामजी गौतम का विरोध किया था। मायावती ने आरोप लगाया था कि इन विधायकों ने सपा के टिकट के लालच में पार्टी विरोधी गतिविधियां की है, जिसकी वह से उन्हें निलंबित किया गया था। उस वक्त मायावती ने कहा था कि 2019 में लोकसभा चुनाव में एनडीए को हराने के लिए सपा के साथ हाथ मिलाया था लेकिन सपा के लोग अब हमारी अनदेखी कर रहे हैं, इसलिए विधान परिषद के चुनाव में हम सपा को बुरी तरह से हराएंगे, फिर इसके लिए अगर भाजपा या किसी अन्य दल के उम्मीदवार को वोट देना पड़े तो भी देंगे।
हालांकि यहां स्पष्ट है कि मायावती का यह बयान 2020 का है और हाल फिलहाल में मायावती ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन सोशल मीडिया पर लोग उनके पुराने बयान और वो भी विधान परिषद के सदस्यों के चुनाव को लेकर दिया था। मायावती के इस बयान का मौजूदा विधानसभा चुनाव से कोई-लेना देना नहीं है।

Fact Check
दावा
खबर में दावा किया गया है कि मायावती ने यह बयान अभी दिया है,जबकि यह दो साल पुराना है
नतीजा
खबर में गलत दावा किया गया है।












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