Fact Check: क्या राष्ट्रपति कोविंद की बेटी को एयर इंडिया ने ग्राउंड ड्यूटी में लगाया? वायरल मैसेज का सच
नई दिल्ली, 17 अप्रैल। सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से शेयर किया जा रहा है जिसमें दावा किया गया है कि टाटा ने एयर इंडिया का अधिग्रहण करने के बाद एयरलाइंस में फ्लाइट अटेडेंट के तौर पर काम कर रही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बेटी स्वाति कोविंद का ट्रांसफर कर उन्हें ग्राउंड ड्यूटी में लगा दिया है।

दो महिलाओं की तस्वीर की जा रही शेयर
इसके साथ ही कुछ पोस्ट में दो महिलाओं की तस्वीर भी शेयर की जा रही है जिसमें एक महिला लाल रंग की साड़ी पहने हुए हैं जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बेटी हैं। ऐसे कई मैसेज फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर किए जा रहे हैं ऐसा ही एक हम आपको बता रहे हैं।

वायरल हो रहा मैसेज
एक यूजर ने लिखा है "तस्वीर में दिख रही महिला देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया में फ्लाइट अटेंडेंट थी। वह एयर एंडिया के बोइंग 777 और 787 विमानों पर कई सालों तक आस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट पर फ्लाइट अटेंडेंट के रूप में काम कर चुकी हैं। लेकिन क्या आप इस महिला का नाम जानते हैं। उनका नाम स्वाति कोविंद हैं। हां, आपने सही पहचाना वह भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बेटी हैं।"
पोस्ट में आगे लिखा गया है "लेकिन आज तक न तो राष्ट्रपति ने और न ही उनकी बेटी स्वाति ने कभी बताया कि वह कौन हैं और वह शांति से हाल तक अपना काम करती रहीं। लेकिन अब ये रहस्य खुल गया है। क्योंकि एयर इंडिया का टाटा ने अधिग्रहण कर लिया है। ये सच्चाई जानने के बाद टाटा के अधिकारियों ने सम्मान के साथ और चुपके से स्वाति कोविंद का ट्रांसफर फ्लाइट अटेंडेंट से हटाकर एयर इंडिया के इंटरनल अफेयर डिवीजन में कर दिया।"

क्या है सच्चाई?
जब हमारी टीम ने इस वायरल खबर की सच्चाई को खोजने निकली तो पता चला कि यह फोटो तो रामनाथ कोविंद की बेटी की नहीं है। इसके बाद हमने इसे लेकर किए जा रहे दावे को सत्यता जानना चाहा तो पता चला कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बेटी को इंटरनल डिवीजन में ट्रांसफर तो किया गया है लेकिन ये खबर हाल फिलहाल की नहीं बल्कि साल 2017 की है।
ड्यूटी से हटाने का सच
हमने अधिक छानबीन की तो पता चला कि 2017 में एयर इंडिया ने स्वाति कोविंद को फ्लाइट अटेंडेंट की ड्यूटी से हटाकर इंटरनल डिवीजन में कर दिया था। ये फैसला इसलिए किया गया था क्योंकि राष्ट्रपति के परिवार का सदस्य होने के चलते उनकी बेटी को हमेशा सुरक्षा मिली हुई है ऐसे में सुरक्षा बलों के साथ फ्लाइट अटेंडेंट की ड्यूटी करना संभव नहीं था। लेकिन इस फैसले का टाटा से कोई लेना देना नहीं है बल्कि जब ये फैसला हुआ तब एयर इंडिया के टाटा के पास जाने की कोई चर्चा भी नहीं थी।

Fact Check
दावा
दावा भ्रामक है।
नतीजा
पड़ताल में दावा गलत पाया गया।












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