क्या किसान संगठन से जुड़ी है संसद में घुसपैठ करने वाली महिला नीलम आजाद? राकेश टिकैत ने बताया सच?
Neelam Azad News: संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपियों में से एक अकेली महिला नीलम आजाद को लेकर दावा किया जा रहा है कि वह किसान संगठन से जुड़ी हुई हैं। हरियाण के जींद की रहने वाली नीलम आजाद ने 13 दिसंबर को संसद के बाहर कैन से पीले रंग के धुंआ छोड़ा और नारेबाजी की थी।
जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके कुछ वीडियो वायरल हुए, जिसको लेकर दावा किया गया कि ये किसान संगठनों भारतीय किसान यूनियन (BKU) और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से जुड़ी हुई हैं।

अब भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि दोनों किसान यूनियनों का 13 दिसंबर को संसद पर हमला करने वाले घुसपैठियों से कोई लेना-देना नहीं है।
क्या कहा राकेश टिकैत ने नीलम सिंह के बारे में?
राकेश टिकैत ने घटना की निंदा की और अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में किए गए दावों का खंडन किया कि किसान संघ संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले की आरोपी नीलम सिंह को रिहा कराने के लिए विरोध प्रदर्शन करेंगे।
राकेश टिकैत ने अपने एक्स (ट्विटर का बदला हुआ नाम) हैंडल से पोस्ट किया, ''आज संसद पर हुआ घटनाक्रम घोर निंदनीय है। मीडिया में संयुक्त किसान मोर्चा का नाम लेकर चलाई गई खबर एकदम निराधार है। एसकेएम या बीकेयू का इससे कोई वास्ता नहीं है।''
किसान नेता आजाद पालवा ने नीलम सिंह को लेकर किया था ये दावा!
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और किसान नेता आजाद पालवा भी नीलम सिंह के घर गए थे। उन्होंने नीलम सिंह की रिहाई की मांग की और कहा कि वह इस संबंध में अगले दिन (14 दिसंबर) को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक भी बुलाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर नीलम को जल्द रिहा नहीं किया गया तो बड़ा कदम उठाया जाएगा।
राकेश टिकैत ने सभी दावों का किया खंडन
राकेश टिकैत नेमीडिया रिपोर्टों में किए गए दावों का खंडन किया है। राकेश टिकैत ने 14 दिसंबर को जारी अपने एक वीडियो बयान में कहा, ''13 दिसंबर को संसद में जो घटना हुई, जिसमें सुरक्षा उल्लंघन हुआ और कुछ लोग वहां घुस गए। कुछ लोगों ने कहा कि अगर घुसपैठियों को नहीं छोड़ा गया तो संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन करेगा। संयुक्त किसान मोर्चा अपना आंदोलन गांधीवादी तरीके से करता है। एसकेएम जो कहता है वही करता है। ये दावे किसी की निजी राय या बयान हो सकते हैं कि 'अगर उन्हें रिहा नहीं किया गया तो एसकेएम विरोध करेगा।' यह एसकेएम के किसी भी नेता का प्रामाणिक बयान नहीं है।''

Fact Check
दावा
दावा: संसद में घुसपैठ करने वाली महिला नीलम आजाद किसान संगठन से जुड़ी हुई हैं।
नतीजा
फैक्ट: किसान नेता राकेश टिकैत का दावा है कि संसद में घुसपैठ करने वाली महिला नीलम आजाद किसान संगठन से जुड़ी हुई नहीं हैं।












Click it and Unblock the Notifications