Fact Check: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- CoWIN पर एकत्र नहीं होती कोरोना मरीज की हिस्ट्री
नई दिल्ली, 31 मई। कोरोना वायरस के खिलाफ देश की जंग जारी है, इस बीच सोशल मीडिया पर कई भ्रामक संदेश भी तेजी से वायरस हो रहे हैं। इन वायरल संदेशों में दावा किया जा रहा है कि कोविन प्लैटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन के नाम पर लोगों की निजी जानकारी एकत्र की जा रही है। इंटरनेट के कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में इस तरह के दावे तेजी से शेयर किए जा रहे हैं, हालांकि खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसका खंडन कर दिया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में स्पष्ट किया गया है कि कोविन प्लैटफॉर्म पर किसी भी शख्स की हिस्ट्री के बारे में कोई जानकारी ट्रैक नहीं की जाती। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि कोविन प्लैटफॉर्म को देश में टीकाकरण के प्रबंधन के लिए एक मंच के रूप में बनाया गया है। यह किसी भी व्यक्ति के कोरोना संक्रमण इतिहास के बारे में कोई जानकारी एकत्र नहीं करता है।
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बता दें कि इससे पहले भी कोविन प्लैटफॉर्म हैक होने और कुछ खास लोगों को वैक्सीनेशन का फायदा पहुंचाने के दावों का खंडन करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, कोविन प्लेटफॉर्म की कुछ निराधार मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि बेईमान तत्वों को लाभ पहुंचाने के लिए सिस्टम को हैक करने की अनुमति दी जा रही है। यह रिपोर्ट गलत है और मामले की पूरी जानकारी से अवगत नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे कहा, टीकाकरण अभियान की जटिलता के बारे में बुनियादी समझ की कमी के कारण कोविन प्लेटफॉर्म पर नागरिकों को स्लॉट नहीं मिलने का झूठ फैलाया जा रहा है।

Fact Check
दावा
कोविन प्लैटफॉर्म पर सेव होती है कोरोना मरीजों की हिस्ट्री।
नतीजा
कोरोना संक्रमण इतिहास के बारे में कोई जानकारी एकत्र नहीं करता।












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