Fact Check : क्या ED अधिकारियों ने Xiaomi कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया, जानिए पूरी सच्चाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर शाओमी के कर्मचारियों के साथ पूछताछ के दौरान दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। ईडी ने खंडन किया है। फैक्ट चेक में जानिए हकीकत
नई दिल्ली, 08 मई : चीनी स्मार्टफोन निर्माता शाओमी ने आरोप लगाया है कि उसके शीर्ष कर्मचारियों के साथ बेंगलुरु में दुर्व्यवहार किया गया है। घटना ईडी की जांच के समय की है। शाओमी का आरोप है कि ईडी अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान शाओमी के इम्प्लॉइज के साथ 'शारीरिक हिंसा' की। शाओमी ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बलप्रयोग (coercion) और धमकी का भी प्रयोग किया। वन इंडिया फैक्ट चेक में जानिए ईडी पर शाओमी के आरोप की पूरी सच्चाई...

क्या ईडी ने अंजाम भुगतने की धमकी दी ?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, जांच एजेंसी- ईडी के अधिकारियों ने भारत में शाओमी के पूर्व प्रबंध निदेशक मनु कुमार जैन, शाओमी के मुख्य वित्तीय अधिकारी समीर बी.एस. राव और उनके परिवार को 'गंभीर परिणाम' भुगतने की धमकी दी। शाओमी ने 4 मई की अपनी फाइलिंग में कहा है कि जैन और राव से कहा गया कि अगर उन्होंने ईडी द्वारा मांगे गए बयान जमा नहीं किए तो परिणाम ठीक नहीं होंगे।
पूछताछ के दौरान शारीरिक हिंसा ?
हालांकि, शाओमी के आरोपों का खंडन करते हुए ईडी ने शनिवार को कहा कि शाओमी इंडिया (Xiaomi India) के अधिकारियों का बयान 'निराधार' है। जांच एजेंसी ने उन समाचार रिपोर्टों के जवाब में ये बात कही जिसमें कहा गया है कि शाओमी ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दाखिल एक जवाब में 'दुर्व्यवहार' के आरोप लगाए हैं। खबरों में कहा गया है कि ईडी के शीर्ष अधिकारियों ने बेंगलुरु में शाओमी कर्मचारियों से पूछताछ के दौरान 'शारीरिक हिंसा' और 'बलप्रयोग' की धमकी दी।
ईडी का खंडन, बलप्रयोग या धमकी नहीं दी गई
शाओमी के आरोप के बाद ईडी ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा, एजेंसी मजबूत कार्य नैतिकता के साथ पेशेवर तरीके से काम करती है। ईडी ने कहा, शाओमी कंपनी के अधिकारियों के लिए किसी भी समय कोई शारीरिक हिंसा नहीं की गई। बल प्रयोग या धमकी का इस्तेमाल भी नहीं किया गया।
23 साल पुराने कानून के तहत बयान
ईडी ने कहा कि शाओमी इंडिया की ओर से ईडी अधिकारियों पर लगाया गया जबरन बयान दर्ज करने का आरोप भी असत्य और निराधार है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा, Xiaomi India के अधिकारियों ने अलग-अलग अवसरों पर सबसे अनुकूल माहौल में स्वेच्छा से ED के समक्ष अपने बयान दिए। ईडी ने बताया कि शाओमी अधिकारियों से फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत बयान दर्ज किए गए हैं। बता दें कि 1999 में संसद की ओर से बनाए गए FEMA का कार्यान्वयन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के तहत होता है।
रिकॉर्ड पर मौजूद बयानों की पुष्टि
शाओमी के आरोपों पर ईडी ने यह भी कहा कि जांच के दौरान शाओमी इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और सूचनाओं के आधार पर बयान दर्ज किए गए। जांच एजेंसी ने कहा, ईडी को सौंपे गए लिखित जवाब और रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेजों से शाओमी के बयानों की पुष्टि (corroborate) होती है।
कहां से शुरू हुआ मामला
बता दें कि ईडी ने विगत 29 अप्रैल को भारतीय विदेशी मुद्रा कानून (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के कथित उल्लंघन पर शाओमी इंडिया के 5,551 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने का आदेश पारित किया था। इसी के बाद शाओमी से पूछताछ की गई और फिर ईडी पर दुर्व्यवहार के आरोप लगे।

Fact Check
दावा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर Xiaomi India ने लगाया 'शारीरिक हिंसा’ और धमकी देने का आरोप।
नतीजा
शाओमी का आरोप और दावा झूठ है। ईडी ने बताया 'असत्य और निराधार' ।












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