Fact Check: छत्तीसगढ़ में हिंदू भीड़ ने दरगाह को बनाया निशाना? जानें वायरल वीडियो का सच
नई दिल्ली, 15 अप्रैल: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ लोगों का एक समूह भगवा झंडे लिए दरगाह की ओर बढ़ रहा है। ये वीडियो करौली और जेएनयू परिसर में हालिया हिंसा के संदर्भ में वायरल किया जा रहा है। वायरल वीडियो में भगवा कपड़े पहने हुए कुछ लोग एक मस्जिद की ओर चलते हुए दिख रहे हैं।वही वो लोग लाउडस्पीकर पर 'जय श्री राम' के नारे लगा रहे हैं और संगीत बजा रहे हैं।

इस वीडियो को शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर यूजर दावा कर रहे हैं कि, सैकड़ों चरमपंथी हिंदू पुरुष ने मुस्लिम दरगाह को निशाना बनाया है। पोस्ट में दावा किया गया कि दरगाह कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में स्थित है। एक ट्विटर यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा: "इस हफ्ते सैकड़ों हिन्दुत्वादियों ने राउडी स्टाइट में दरगाह को निशाना बनाया। भगवान राम के नारे लगाए और तेज संगीत बजाकर वहां पहुंचे। दरगाह एक बीजेपी शासित में स्थित नहीं है राज्य। यह लूथरा शरीफ दरगाह, बिलासपुर में है। जहां कांग्रेस का शासन है।
वहीं एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि, मुस्लिमों और मस्जिदों पर हमले बढ़ गये है,यह वीडियो कांग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ का बताया जा रहा है जहां हिन्दू संगठनो के कार्यकर्ता रैली के दौरान मस्जिद में घुसे और जय श्री राम के नारे लगाये व उत्पात मचाया। रमज़ान का ना सही कम से कम नवरात्रि का तो लिहाज कर लेते उपद्रवियों। इसके अलावा कई वीडियो यूट्यूब औऱ फेसबुक पर इस दावे के साथ शेयर किए गए हैं।
वन इंडिया की फैक्ट चेक टीम ने वायरल हो रहे दावों की जांच की है। जिसमें वायरल दावा झूठा साबित हुए है। हमने गूगल पर लूथरा शरीफ दरगाह समेत कई कीवर्ड से इस घटना को सर्च किया। हमें दैनिक भास्कर की एक खबर मिली। जिसमें 2 अप्रैल 2022 में बिलासपुर में हुई इस रैली के बारे में लिखा था। रैली को हिंदू नव वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया था। जिसमें शहर में हुए आयोजनों के बारे में लिखा था। लेकिन उस खबर में कहीं ये नहीं लिखा गया कि, भीड़ द्वारा किसी दरगाह को निशाना बनाया गया।
इसके बाद हमने इस घटना को लेकर ट्विटर पर सर्च किया तो हमे क्विंट के पत्रकार, विष्णुकंत तिवारी का एक ट्वीट मिला। जिसमें उन्होंने इस वायरल वीडियो को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम की बारे सही जानकारी साझा की है। उन्होंने लिखा कि, छत्तीसगढ़ के लूथरा शरीफ के सामने का यह वीडियो गलत कॉन्टेक्स्ट के साथ पेश किया जा रहा है। दरगाह के सामने से रैली निकली, रैली और डीजे वहीं पर से यू-टर्न हुई और लोग बिना किसी वाद विवाद के अपना अपना काम करते हुए घर चले गए।
पत्रकार, विष्णुकंत तिवारी ने अगले ट्वीट में बताया कि, सीपत थाना के इंचार्ज राजकुमार सौरी ने ऊपर लिखी सभी बातों को कन्फर्म किया है, साथ ही इलाके के मुस्लिम जर्नलिस्ट्स ने भी विवाद की किसी स्थिति से इंकार किया है। इससे साफ होता है कि, वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावे गलत साबित हुए हैं।

Fact Check
दावा
सैकड़ों चरमपंथी हिंदू पुरुष ने मुस्लिम दरगाह को निशाना बनाया है।
नतीजा
दरगाह के सामने से रैली निकली, रैली और डीजे वहीं पर से यू-टर्न हुई और लोग बिना किसी वाद विवाद के अपना अपना काम करते हुए घर चले गए।












Click it and Unblock the Notifications