Fact Check: 23 सितंबर से देशभर में लगने जा रहा है पूर्ण लॉकडाउन? जानें सच्चाई
नई दिल्ली, सितंबर 23: कोरोना महामारी के चलते पिछले साल देश में सरकार की ओऱ से पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था। लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक बार फिर से लॉकडाउन के लेकर कई तरह की भ्रामक जानकारियां शेयर की जा रही है। इन दिनों सोशल मीडिया और यूट्यूब पर कई ऐसे वीडियो पोस्ट किए गए हैं जिनमें कहा गया है कि , केंद्र सरकार 23 सितंबर से एक बार फिर से पूरे देश में लॉकडाउन लगाने जा रही है। अब इस पूरे मामले पर पीआईबी की ओर से सफाई आई है।

दरअसल 'A1Bharat News' नामक एक यूट्यूब चैनल द्वारा वीडियो के थंबनेल में लॉकडाउन और स्कूल बंद करने से संबंधित फ़र्ज़ी दावे किए जा रहे हैं। इस में दावा किया जा रहा है कि, गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक देश में 23 सितंबर से 30 अक्टूबर तक के लिए लॉकडाउन लगाया जा जा रहा है। इसी तरह से डीएनएस न्यूज़ नामक एक यूट्यूब चैनल पर कई वीडियो के थंबनेल में कोरोना की तीसरी लहर, लॉकडाउन और स्कूल-कॉलेज बंद करने से संबंधित फ़र्ज़ी दावे किए जा रहे हैं।
पीआईबी ने इस संबंध में ट्वीट कर फैक्ट चेक शेयर किया है। पीआईबी ने आज ट्वीट कर बताया कि, चैनल द्वारा किए गए दावे फर्जी हैं, और वीडियो के थंबनेल भी भ्रामक है। इस तरह के किसी भी वीडियो या इनके भ्रामक स्क्रीनशॉट को साझा न करें। सरकार ने इस तरह से दावों से लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है। बता दें कि हाल ही में देश भर में कई राज्य सरकारों ने फिर से स्कूल खोले हैं।
फर्जी खबर यानी फेक न्यूज से निपटने के लिए पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और योजनाओं के बारे में खबरों का सत्यापन करने के लिए एक 'तथ्य जांच इकाई' गठित की है जिसे पीआईबी फैक्ट चेक टीम कहा जाता है। पीआईबी फैक्ट चेक टीम द्वारा आप भी किसी भी संदेश की सत्यता की जांच करा सकते हैं। इसके तहत मीडिया में सरकार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों की सच्चाई का पता लगाया जाता है। अगर आपके पास भी कोई डाउटफुल खबर है तो आप उसे factcheck।pib।gov।in या फिर वॉट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail।com पर भेज सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी पीआईबी की वेबसाइट pib।gov।in पर भी उपलब्ध है।

Fact Check
दावा
केंद्र सरकार 23 सितंबर से एक बार फिर से पूरे देश में लॉकडाउन लगाने जा रही है।
नतीजा
पीआईबी ने आज ट्वीट कर बताया कि, चैनल द्वारा किए गए दावे फर्जी हैं, और वीडियो के थंबनेल भी भ्रामक है।












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