Fact Check: क्या BJP कैंडिडेट अरुण गोविल का दलित के घर भोजन से इनकार? यहां जानें सच्चाई
Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान 26 अप्रैल को हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी चुनावी बिसात बिछाने में लगे हैं। इसी बीच, टीवी शो 'रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल का एक वीडियो सुर्खियों पर छाया हुआ है।
मेरठ लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर अरुण गोविल चुनावी रण में हैं। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि गोविल वाल्मीकि कार्यकर्ता के घर 'भोजन दर्शन' करने पहुंचे। उन्होंने दलित कार्यकर्ता के घर पर भोजन नहीं किया। सिर्फ उसके दर्शन ही करके काम चलाया।

इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर यह भी दावे किए गए कि भगवान श्रीराम ने त्रेता युग में शबरी के झूठे बेर खाए थे, लेकिन यह 2024 में दलित के घर का भोजन तक न कर सके। क्या है इन वीडियो और दावों की सच्चाई?
गोविल वाल्मीकि के 'भोजन दर्शन' के दावे पड़ताल में झूठे पाए गए हैं। पड़ताल में वीडियो से जुड़ी अहम बात सामने आई है। दरअसल, गोविल वाल्मीकि ने दलित कार्यकर्ता के घर पहुंचकर भोजन करने से पहले प्रभु को धन्यवाद दिया और उसके बाद भोजन किया।
लेकिन, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आधा ही वीडियो वायरल किया। जिसमें सिर्फ गोविल वाल्मीकि भोजन थाल को प्रणाम करते ही नजर आ रहे थे। पड़ताल में गोविल वाल्मीकि के इंस्ट्रग्राम पर उस घटना का पूरा वीडियो सामने आया है। जिससे वायरल दावे पूरी तरह फेक साबित हुए।

Fact Check
दावा
वायरल दावे गलत हैं।
नतीजा
आधे वीडियो को गलत ढंग से पेश किया गया।












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