Fact Check: यमन में क्या सच में मची भगदड़? जानिए वायरल तस्वीरों का सच
यमन की राजधानी सना में वायरल तस्वीरों के जरिए भगदड़ का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही कथित रुप से इस भगदड़ में कई लोगों को मौतों की भी आशंका व्यक्त की गई है।

हाल ही में सोशल मीडिया एक भगदड़ की तस्वीरें साझा की जा रही हैं। इन तस्वीरों का प्रयोग कई मीडिया संगठनों ने सना में भगदड़ को कवर करने वाली अपनी रिपोर्ट में इस्तेमाल किया है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि जहां भगदड़ मची है उसके भवनों के आसपास कलरफुल लाइट्स लगी हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तस्वीरों को यमन भगदड़ की बताया है।
वहीं दक्षिण कोरिया के सियोल और इजरायल में भगदड़ की तस्वीरों को यमनी राजधानी में भगदड़ से जोड़ा जा रहा है। दरअसल, यमन की राजधानी सना में 20 अप्रैल को मची भगदड़ में कम से कम 78 लोगों की मौत हो गई थी। सना में रमजान के अवसर पर दान प्राप्त करने के लिए एकत्र हुए थे। इसी के साथ फैंसी रोशनी वाली एक इमारत के पास भारी भीड़ दिखाने वाली एक तस्वीर वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीर यमन भगदड़ की है।

ये तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि बचाव दल तेजी के साथ सक्रिय है। एक व्यक्ति के शव को स्ट्रेचर पर ले जा रहा है। लेकिन फैक्ट में इन तस्वीरों का सच कुछ अलग ही सच है। फैक्ट चेक में ये सामने आया कि वायरल दोनों तस्वीरें पुरानी हैं और यमन में भगदड़ से पहले की हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली छवि, वास्तव में, अक्टूबर 2022 की है और भगदड़ से ठीक पहले दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में एक भीड़ भरी सड़क को दिखाती है।
ये तस्वीर सोशल मीडिया पर 30 अक्टूबर, 2022 को शेयर की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, तस्वीर सियोल के इटावन जिले में भगदड़ की है। जहां लोग लोग हैलोवीन मनाने के लिए वहां जमा हुए थे। लेकि अचानक वहां भगदड़ मच गई और इसमें 78 लोगों की मौत हो गई। जबकि एक और भगदड़ की तस्वीर वायरल हो ही है, जो कि वर्ष 2021 में इस्राइल में हुई। इस तस्वीरों में एक व्यक्ति के शव को ले जाते हुए बचावकर्मियों नजर आ रहे हैं।

Fact Check
दावा
वायल तस्वीरों को लेकर यमन में भगदड़ का दावा किया जा रहा है। या दावा एक एक पुराने वीडियो को शेयर किया जा रहा है।
नतीजा
वायरल तस्वीरों लेकर किया जा रहा दावा गलत है।












Click it and Unblock the Notifications