Fact Check: पाकिस्तान के दबाव में आकर कांग्रेस ने लगाया था बैन? जानिए मोहम्मद रफी के कश्मीर गाने की सच्चाई
Fact Check News: सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ ना कुछ ऐसी चीजें वायरल होती है, जिनको लेकर अलग-अलग दावे किए जाते हैं। इसी कड़ी में अब एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि महान गायक मोहम्मद रफी के कश्मीर पर आधारित एक गाने को पाकिस्तान के दबाव में आकर उस वक्त की कांग्रेस सरकार ने बैन कर दिया था। ऐसे में जानिए क्या है इस वायरल पोस्ट की सच्चाई?
पुराने और मशहूर गायक मोहम्मद रफी के कश्मीर के बारे में एक गीत वाला एक ब्लैक-एंड-व्हाइट म्यूजिक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि इसे बैन किया गया था।

वायरल पोस्ट में जिक्र किया गया है कि उस वक्त की पाकिस्तानी सरकार के दबाव के कारण भारत की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 'इस गाने पर प्रतिबंध लगाने का विकल्प चुना' था। यहां जिस गाने की बात हो रही है वो गाना 'जन्नत की है तस्वीर ये तस्वीर नहीं देंगे" है, जो कि 1966 की फिल्म जौहर का है।
वायरल पोस्ट में किया गया ये दावा
वायरल पोस्ट में कहा गया है कि," इसे जरूर वायरल करें..मिस ना करें। कांग्रेस की ये कड़वी सच्चाई.. मोहम्मद रफ़ी साहब द्वारा गाए गए इस गीत ने पाकिस्तान में बेचैनी पैदा कर दी थी। पाकिस्तानी सरकार ने तत्कालीन भारतीय सरकार पर इस गीत पर प्रतिबंध लगाने का दबाव बनाया था। हैरानी की बात यह है कि भारत में तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने इस गीत पर प्रतिबंध लगा दिया!!!"
इसी के साथ आगे कहा गया कि हो सकता है कि आपने यह गीत कभी ना सुना हो। कृपया इस दुर्लभ गीत को ध्यान से सुनें...और वायरल करें। नीचे वो पोस्ट भी है, जिसमें यह दावा किया गया है।
हालांकि जब इस गाने के बैन के दावे को लेकर हमने पड़ताल की तो मामला अलग निकला। क्योंकि गूगल सर्च में इस गाने पर किसी भी समय प्रतिबंधित किए जाने के बारे में कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली, लेकिन पाया कि यह गाना जौहर नाम की फिल्म से था। इसी के साथ एक अन्य खोज में पाया एक ही रिजल्ट मिला, जो 17 दिसंबर 1966 का भारत का राजपत्र दस्तावेज था, जिसमें भारतीय और विदेशी भाषा की फिल्मों के लिए अनुशंसित संपादनों (Recommended Edits) की एक सूची थी।
जानिए वायरल दावे की सच्चाई?
इसमें इस गाने का जिक्र करते हुए कहा गया था कि पांचवीं रील में, 'हाजी पीर' शब्दों को गीत से हटाया जाना था।मोहम्मद रफी के YouTube चैनल पर पाए गए गीत के मौजूदा वर्जन में 'हाजी पीर' नहीं है, ना ही इसमें लाहौर का जिक्र है। जिसके बाद निष्कर्ष यह निकलता है कि 1966 की फिल्म जौहर के गाने 'जन्नत की है तस्वीर ये' पर कभी प्रतिबंध नहीं लगाया गया। सीबीएफसी ने गाने में केवल एक एडिट की सिफारिश की थी।
गाने की सच्चाई की बात करें तो इस गाने पर भारत में कभी बैन नहीं लगाया गया। केंद्रीय फ़िल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने गाने में संपादन करने के लिए कहा था, जिसमें शब्दों को बदलना भी शामिल था।

Fact Check
दावा
दावा किया जा रहा है कि मोहम्मद रफी के कश्मीर पर बने गाने को तत्कालीन कांग्रेस ने बैन किया था।
नतीजा
यह दावा पूरी तरह से भ्रामक है।












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