NEET में AIR 14 से पहले 10वीं-12वीं में भी किया कमाल, ICSE बोर्ड में पाए 99% मार्क्स, पढ़िए शशांक की कहानी
NEET, भारत की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है, जो मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों के लिए गेटवे का काम करती है। डॉक्टर बनने का सपना तभी साकार हो सकता है जब इस परीक्षा को सफलतापूर्वक पास किया जाए। इसे देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक माना जाता है।
नीट (NEET) के क्वेश्चन अक्सर छात्रों की कन्सेप्चुअल समझ को परखते हैं, न कि रटी हुई जानकारी को। इसके लिए छात्रों को मौलिक अवधारणाओं को समझना और उन्हें विभिन्न समस्याओं पर लागू करना जरुरी होता है।

हर साल हजारों उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन लाखों स्टूडेंट्स का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही इसे पास कर पाता है। इसलिए जब आप नीट में एक प्रभावशाली ऑल इंडिया रैंक (AIR) प्राप्त करते हैं, तो यह एक उल्लेखनीय कहानी बन जाती है। ऐसी ही कहानी है एक लड़के की जिसने नीट में टॉप रैंक हासिल करके अपना सपना साकार किया है। उस लड़के का नाम है शशांक कुमार।
NEET में AIR 14, 10वीं-12वीं में भी तोड़े रिकॉर्ड!
शशांक कुमार, जिन्होंने अत्यधिक प्रतिस्पर्धी नीट परीक्षा में प्रभावशाली 14वीं रैंक हासिल की, का एक उल्लेखनीय शैक्षणिक रिकॉर्ड है जो उनकी समर्पण और बुद्धिमत्ता को को दिखाता है। 10वीं कक्षा की ICSE बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जो उनकी मजबूत शैक्षणिक नींव का एक प्रतिक है। अपनी उत्कृष्टता को जारी रखते हुए, उन्होंने 12वीं कक्षा की CBSE बोर्ड परीक्षा में 96.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जिससे उनकी टॉप स्टूडेंट के रूप में स्थिति और मजबूत हो गई।
शशांक की यात्रा यहीं नहीं रुकी। उनके LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, वह वर्तमान में नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में सर्जरी और मेडिसिन में MBBS कर रहे हैं, जो कई महत्वाकांक्षी डॉक्टरों का ड्रीम संस्थान है। AIIMS में प्रवेश पाने की उनकी उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
अपने शैक्षणिक उपलब्धियों से परे, शशांक अपने सफर में परिवार के समर्थन के महत्व पर जोर देते हैं। वह शेयर करते हैं कि जब भी वह निराश महसूस करते हैं या कठिन निर्णयों का सामना करते हैं, तो वे मार्गदर्शन के लिए अपने माता-पिता की ओर रुख करते हैं। उनके सलाह ने हमेशा उन्हें चुनौतियों का सामना करने और सही निर्णय लेने में मदद की है, जिससे उनकी कुल सफलता में योगदान मिला है। यह न केवल उनकी शैक्षणिक क्षमता को दिखाता है बल्कि उनके मजबूत मूल्यों और परिवार की उनकी उपलब्धियों में महत्वपूर्ण भूमिका को भी दिखाता है।
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