Al-Falah University: कब शुरू हुई थी अल-फलाह यूनिवर्सिटी? यहां से पढ़ा था दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा आतंक का डॉक्टर?
Al-Falah University: दिल्ली में लाल किला मेट्रो गेट नंबर 1 के पास हुए ब्लास्ट ने पूरे देश को दहला दिया। अब इसके तार बीते कुछ दिनों से चल रही आतंकियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी से जुड़ रहे हैं। दिल्ली ब्लास्ट से ठीक पहले फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर में हुई एक संयुक्त कार्रवाई ने पूरे देश को झकझोर दिया। सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसे डॉक्टर को गिरफ्तार किया, जो मेडिकल लैब में नहीं बल्कि विस्फोटक तैयार करने की साजिश में लगा था।
उस डॉक्टर का कनेक्शन दिल्ली ब्लास्ट से भी जुड़ा हुआ है। वो डॉक्टर है मुजम्मिल शकील, जो हरियाणा की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, उसके कमरे से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, एके-47 रायफल और सैकड़ों कारतूस बरामद किए गए हैं।

मेडिकल कोट पहनने वाला यह डॉक्टर आतंकी साजिश का हिस्सा बन चुका है, और उसके पकड़े जाने के बाद पूरे देश में हलचल मच गई है। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि उसने अपने मेडिकल ज्ञान का इस्तेमाल बारूद और विस्फोटक तैयार करने में किया। यह खुलासा न सिर्फ हरियाणा बल्कि दिल्ली, गुजरात और जम्मू-कश्मीर तक फैले नेटवर्क की पोल खोल रहा है।
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अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैसे आई विवादों में
अब इस पूरे मामले में जिस संस्थान का नाम सबसे ज्यादा सामने आया है, वह है फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी। यह यूनिवर्सिटी साल 2014 में हरियाणा विधानसभा के विशेष अधिनियम के तहत स्थापित की गई थी। 2015 में इसे यूजीसी से मान्यता भी मिली।
करीब 70 एकड़ में फैला इसका परिसर हरियाणा के नूंह बॉर्डर के पास स्थित है। यहां न सिर्फ भारत के, बल्कि कई विदेशी छात्र भी पढ़ाई करते हैं। यूनिवर्सिटी के भीतर एक 650 बेड वाला बड़ा अस्पताल भी है, जो अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर का हिस्सा है। यही वह जगह है जहां से डॉक्टर मुजम्मिल जुड़ा हुआ था।
कौन चलाता है यूनिवर्सिटी
अल-फलाह यूनिवर्सिटी का संचालन अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के हाथों में है। यह ट्रस्ट सिर्फ यूनिवर्सिटी ही नहीं, बल्कि कई अन्य शैक्षणिक संस्थान भी चलाता है, जिनमें शामिल हैं -
- अल-फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी
- अल-फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग
- अल-फलाह स्कूल ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज
- अल-फलाह स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट
इस ट्रस्ट ने शिक्षा के लगभग हर क्षेत्र में अपनी पकड़ बना रखी है, जिससे यह हरियाणा और आसपास के राज्यों में एक प्रसिद्ध नाम बन चुका है।
क्या-क्या पढ़ाया जाता है यहां
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डिप्लोमा से लेकर पीएचडी तक के कई कोर्स चलाए जाते हैं। इसका मेडिकल कॉलेज भी काफी मशहूर है, जहां एमबीबीएस की 200 सीटें और एमडी की 38 सीटें उपलब्ध हैं। एमबीबीएस की कुल फीस करीब 80 लाख रुपये तक बताई जाती है, जो इसे देश के प्रमुख निजी मेडिकल संस्थानों में शामिल करती है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र पढ़ने आते हैं, और कई विदेशी छात्र भी यहां पढ़ाई करते हैं।
एजेंसियां कर रहीं हैं नेटवर्क की गहराई से जांच
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां मुजम्मिल और उसके साथियों से पूछताछ कर रही हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं और इसका मकसद क्या था, इसका पता लगाने के लिए कई टीमों को लगाया गया है। छापेमारी में विस्फोटक बरामद होने के बाद दिल्ली में हुए ब्लास्ट से देश में अफरातफरी का माहौल है।
हरियाणा समेत कई राज्यों में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के छात्रों और फैकल्टी पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा आतंकी नेटवर्क काम कर रहा है, जो शिक्षित लोगों को अपने जाल में फंसा रहा है।
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