क्या कहते हैं हथेली में पाए जाने वाले चिन्ह?

By: पं. गजेंद्र शर्मा
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। हस्तरेखा विज्ञान में हथेली में मौजूद रेखाओं के अलावा विभिन्न प्रकार के चिन्हों के भी बहुत महत्व है। द्वीप, नक्षत्र, क्रॉस, बिंदु, वर्ग, वृत्त, त्रिकोण, जाली जैसे चिन्हों का अध्ययन करके सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है।

यदि आपके हाथ में हैं ऐसे योग तो खुश हो जाइये

अधिकांश लोग सिर्फ प्रमुख रेखाओं को देखकर भविष्य कथन कर देते हैं, जो सही नहीं होता। सही भविष्य कथन के लिए इन सभी की स्थिति देखना अत्यंत आवश्यक है।

आइये देखते हैं किस चिन्ह का हथेली में क्या महत्व है। प्रत्येक पर्वत पर इन चिन्हों का अलग-अलग महत्व होता हैः

गुरु पर्वत

  • गुरु पर्वत पर एक रेखा: कार्यों में सफलता।
  • एक से अधिक रेखाएं: भाग्योदय तथा नए कार्यों में रुचि।
  • आपस में कटती रेखाएं: जीवन में परेशानियां।
  • बिंदु: सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी।
  • क्रॉस: वैवाहिक जीवन में पूर्णता। 
  • नक्षत्र: उच्च आकांक्षाएं तथा उनकी पूर्ति होती है।
  • वर्ग: कल्पना में जीने वाले।
  • त्रिकोण: राजनीतिक एवं धार्मिक कार्यों में सफलता।
  • जाली: अंधविश्वास, हानि।
  • वृत्त: प्रत्येक कार्य में सफलता।
शनि पर्वत

शनि पर्वत

  • एक रेखा: भाग्योदय।
  • कई रेखाएं: जीवन में निरंतर बाधाएं।
  • कटती रेखाएं: दुभाग्य तथा चिंताएं।
  • बिंदु: अप्रत्याशित घटनाएं।
  • क्रॉस: कमजोरी तथा नपुंसकता।
  • नक्षत्र: हत्या करने की भावना का विकास।
  • वर्ग: अनिष्टों से बचाव।
  • वृत्त: मांगलिक कार्यों में रुचि।
  • त्रिकोण: रहस्यमय कार्य करने वाला।
  • जाली: भाग्यहीनता।

सूर्य पर्वत

सूर्य पर्वत

  • एक रेखा: पद, प्रतिष्ठा, सम्मान, धन में वृद्धि।
  • कई रेखाएं: कलात्मक कार्यों में रुचि। उच्च पद की प्राप्ति।
  • कटती रेखाएं: नौकरी में बाधाएं।
  • बिंदु: अपमान एवं पराजय।
  • क्रॉस: प्रसिद्धि में कमी।
  • नक्षत्र: धन, उच्च पद, संपत्ति सुख।
  • वर्ग: सामाजिक कार्यों में सम्मान, पद।
  • वृत्त: कई बार विदेश यात्रा के योग।
  • त्रिकोण: कला के क्षेत्र में उच्च सम्मान।
  • जाली: मान की हानि।
बुध पर्वत

बुध पर्वत

  • एक रेखा: धनवान तथा समृद्धि।
  • कई रेखाएं: व्यापार में असाधारण योग्यता।
  • कटती रेखाएं: सफल डॉक्टर।
  • बिंदु: व्यापार में अचानक हानि।
  • क्रॉस: दिवालिया होने का योग।
  • नक्षत्र: विदेशों में व्यापार के योग।
  • वर्ग: भविष्य को पहचानने वाला।
  • वृत्त: दुर्घटना तथा आकस्मिक मृत्यु।
  • त्रिकोण: राजनीतिक सफलता।
  • जाली: मान हानि।
चंद्र पर्वत

चंद्र पर्वत

  • एक रेखा: कल्पनाशीलता।
  • कई रेखाएं: सौंदर्य प्रियता।
  • कटती रेखाएं: चिंताएं।
  • बिंदु: प्रेम में बार-बार असफलता।
  • क्रॉस: सामाजिक सम्मान में न्यूनता।
  • नक्षत्र: राजकीय सम्मान।
  • वर्ग: विशेष धन की प्राप्ति।
  • वृत्त: जल में डूबने से मृत्यु।
  • त्रिकोण: देशव्यापी सम्मान का योग।
  • जाली: निराशावादी।
मंगल पर्वत

मंगल पर्वत

  • एक रेखा: साहस।
  • कई रेखाएं: हिंसात्मक प्रवृत्ति।
  • कटती रेखाएं: युद्ध भावना तथा हिंसापूर्ण विचार।
  • बिंदु: युद्ध में शारीरिक चोट।
  • क्रॉस: युद्ध में मृत्यु।
  • नक्षत्र: सेना में उच्चाधिकारी।
  • वर्ग: अत्यधिक क्रोधी।
  • वृत्त: चतुर, नीति नियंता।
  • त्रिकोण: योजनाबद्ध काम करने वाला।
  • जाली: आत्म हत्या की प्रवृत्ति।
शुक्र पर्वत

शुक्र पर्वत

  • एक रेखा: तीव्र काम वासना।
  • कई रेखाएं: अत्यधिक भोगी।
  • कटती रेखाएं: प्रेम में असफलता तथा मान हानि।
  • बिंदु: गुप्तांगों की बीमारी।
  • क्रॉस: असफल प्रेम, निराशावादी।
  • वर्ग: जेल यात्रा।
  • वृत्त: दुर्घटना में शारीरिक हानि।
  • त्रिकोण: कई स्त्रियों से भोग करने वाला।
  • जाली: अस्वस्थ शरीर।
राहु-केतु

राहु-केतु

  • एक रेखा: साहसी।
  • कई रेखाएं: अत्यंत क्रोधी स्वभाव।
  • कटती रेखाएं: जिम्मेदारी की भावना की कमी।
  • बिंदु: हर कार्य में सफलता।
  • क्रॉस: मानहानि।
  • नक्षत्र: युद्ध संबंधी कार्यों में विशेष सफलता।
  • वर्ग: राज्य सम्मान।
  • वृत्त: सेना में उच्च पद प्राप्ति।
  • त्रिकोण: असाधारण रूप से धन प्राप्ति।
  • जाली: दरिद्र जीवन।
देश-दुनिया की तबरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
The stars on palm refer to the star-like pattern formed by three or more intersected short lines.
Please Wait while comments are loading...