चातुर्मास से पूर्व विवाह का आखिरी शुभ मुहूर्त भड़ली नवमी 8 जुलाई को
नई दिल्ली, 04 जुलाई। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ होता है और चार माह के लिए भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। इस कारण विवाह आदि समस्त मांगलिक कार्यो पर चार माह के लिए प्रतिबंध लग जाता है। देवशयन से पूर्व विवाह का अंतिम शुभ मुहूर्त भड़ली नवमी होता है, जिस पर बिना कोई पंचांग शुद्धि देखे विवाह आदि शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इस बार भड़ली नवमी 8 जुलाई 2022 शुक्रवार को आ रही है। यह दिन आषाढ़ी गुप्त नवरात्रि की पूर्णाहुति का दिन भी होता है। इसलिए इस दिन देवी मंदिरों और घरों में हवन-पूजन आदि कर कन्या पूजन किया जाता है।

भड़ली नवमी का पंचांग
भड़ली नवमी के दिन नवमी तिथि सायं 6.25 बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र दोपहर 12.13 बजे तक और शिव योग प्रात: 9 बजे तक रहेगा। तुला राशि का चंद्र और मिथुन राशि का सूर्य रहेगा। दोपहर 12.14 बजे से रवियोग का शुभ संयोग भी रहेगा।
भगवान लक्ष्मीनारायण देते हैं समृद्धि का आशीर्वाद
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए भड़ली नवमी के दिन व्रत भी रखा जाता है और इस दिन भगवान लक्ष्मीनारायण का विधिवत पूजन किया जाता है। सत्यनारायण पूजा की तरह ही भड़ली नवमी पर भगवान लक्ष्मीनारायण का पूजन किया जाता है। एक चौकी पर केले के पत्तों से मंडप सजाकर उसमें लक्ष्मीनारायण की मूर्ति या तस्वीर रखकर षोडशोपचार पूजन संपन्न किया जाता है। पंच मेवे, फल, पंचामृत, मिष्ठान्न का नैवेद्य लगाकर आरती की जाती है और स्वजन आदि में प्रसाद का वितरण किया जाता है। जो लोग चातुर्मास में व्रत रखते हैं वे भी इसी दिन चातुर्मास करने का संकल्प भगवान विष्णु के समक्ष लेते हैं।












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