Surya Grahan 2023: सूर्य ग्रहण आज,कहां-कहां दिखेगा? ग्रहणकाल खत्म होने के बाद क्या करें? जानिए हर सवाल का जवाब
Solar Eclipse 2023 today (ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें): साल 2023 का दूसरा सूर्य ग्रहण आज है। आज का ग्रहण भारत में प्रभावी नहीं है और इसी वजह से यहां सूतक नहीं लगा है और धार्मिक अनुष्ठान बंद किए गए हैं लेकिन माना जाता है कि ग्रहण राशियों को प्रभावित करते हैं और इसी वजह से इस दौरान हर किसी को सावधानी बरतनी चाहिए।

केवल ग्रहण काल ही नहीं बल्कि ग्रहण के खत्म होने के बाद भी इंसान को कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज्यादा जरूरी है और जिससे ग्रहण का दुष्प्रभाव इंसान की राशियों पर ना पड़े।
ग्रहण खत्म होने के बाद हर किसी को करना चाहिए ये काम
- सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद पहले घर की सफाई करें।
- फिर स्नान करके खुद स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें और भगवान की मू्र्तियां साफ करें।
- गणेश जी की अराधना करें।
- तुलसी के पौधे की पूजा करें और आरती करें।
- तुलसी की पत्ती को खाने-पीने की चीजों में डाल देना चाहिए।
- सूर्यदेव की आरती करें।
- आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
- सूर्यदेव की आरती करें।
सूर्य ग्रहण का समय क्या है?
सूर्य ग्रहण आज रात 08 बजकर 34 मिनट पर लगेगा और रविवार, 15 अक्टूबर को देर रात 02 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा।
क्या भारत में दिखाई देगा?
नहीं इंडिया में नहीं दिखाई देगा।
कहां-कहां दिखेगा?
अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, अर्जेटीना, कोलंबिया, क्यूबा, ब्राजील, पेरु और उरुग्वे।
कैसे देंखे लाइव सूर्य ग्रहण?
नासा के ट्विटर हैंडल से लाइव प्रसारण देख सकते हैं।
सूर्य ग्रहण कब होता है?
जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो उसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। ये हमेशा अमावस्या को ही होता है।
ये है सूर्यदेव की आरती
- ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
- जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।
- धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।
- अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।
- फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।
- गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।
स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान...।। - तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।।
- प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।
- वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।
- ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
- जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।
- धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।












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