सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश 25 मई से, शुरू होगा नौतपा, खूब तपेगा जमकर बरसेगा

Written By: Pt. Gajendra Sharma
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    नई दिल्ली। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही 25 मई से नौतपा प्रारंभ हो जाएगा। नौतपा वर्ष के वे 9 दिन होते हैं जब सूर्य पृथ्वी के सबसे निकट आ जाता है, इस कारण भीषण गर्मी पड़ती है। इस बार यह 25 मई से 3 जून तक रहेगा। मई में इस बीच 25 से 30 मई तक अलग-अलग स्थितियों में सूर्य, मंगल, बुध का शनि से समसप्तक योग होने से भी धरती पर तापमान बढ़ता है। हालांकि अत्यधिक गर्मी के कारण कभी-कभी बारिश के योग भी बन जाते हैं।

    सूर्य 25 मई को सायं 7.53 बजे रोहिणी में प्रवेश करे

    सूर्य 25 मई को सायं 7.53 बजे रोहिणी में प्रवेश करे

    सूर्य 25 मई को सायं 7.53 बजे रोहिणी में प्रवेश करेगा। ज्येष्ठ माह में सूर्य के वृषभ राशि के 10 अंश से लेकर 23 अंश 40 कला तक को नौतपा कहा जाता है। सूर्य 8 जून तक 23 अंश 40 कला में रहेगा। वैसे तो यह समयावधि 15 दिवस की होती है, क्योंकि सूर्य 15 दिनों तक रोहिणी नक्षत्र में भ्रमण करता है, लेकिन शास्त्रीय मान्यता के अनुसार प्रारंभ के नौ दिन ही नौतपा के तहत स्वीकार किए जाते हैं, इसके बाद सूर्य के ताप का उत्तरार्ध होता है, जो नौतपा के लिए त्याज्य है। माना जाता है कि इस दौरान भीषण गर्मी होती है तो मानसून में अच्छी बारिश होने के आसार बनते हैं, वहीं यदि तपन कम हो तो वर्षा योग भी सामान्य ही रहता है।

    आखिर क्यों होती है नौतपा में तेज गर्मी

    आखिर क्यों होती है नौतपा में तेज गर्मी

    ज्योतिष के अनुसार रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह चंद्रमा और देवता ब्रह्मा है। सूर्य ताप, तेज का प्रतीक है, जबकि चंद्र शीतलता का। चंद्र से धरती को शीतलता प्राप्त होती है। सूर्य जब चंद्र के नक्षत्र रोहिणी में प्रवेश करता है तो इससे वह उस नक्षत्र को अपने पूर्ण प्रभाव में ले लेता है। जिस तरह कुंडली में सूर्य जिस ग्रह के साथ बैठ जाए वह ग्रह अस्त हो जाता है, उसी तरह चंद्र के नक्षत्र में सूर्य के आ जाने से चंद्र के प्रभाव क्षीण हो जाते हैं यानी पृथ्वी को शीतलता प्राप्त नहीं हो पाती। इस कारण ताप अधिक बढ़ जाता है।

    सूर्य, बुध का शनि से समसप्तक योग

    सूर्य, बुध का शनि से समसप्तक योग

    27 मई से सूर्य बुध का शनि से समसप्तक योग भी बन रहा है, जो गर्मी बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा, हालांकि इस दौरान ताप इतना अधिक बढ़ जाएगा कि बादल बनेंगे और धूल भरी आंधियों के साथ बारिश होगी। ग्रहों की बात मानें तो नौतपा के दौरान तेज आंधियां आने के आसार हैं। देश में कहीं-कहीं तेज बारिश, समुद्र में तूफान और भूकंप जैसी आपदा आ सकती है।

    विज्ञान क्या कहता है

    विज्ञान क्या कहता है

    नौतपा को केवल ज्योतिष में ही मान्यता प्राप्त नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक भी इस तथ्य से वाकिफ रखते हैं। वैज्ञानिक मतानुसार नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर आती है। इस कारण तापमान बढ़ता है। अधिक गर्मी के कारण मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है जो समुद्र की लहरों को आकर्षित करता है। इस कारण ठंडी हवाएं मैदानों की ओर बढ़ती है। चूंकि समुद्र उच्च दबाव वाला क्षेत्र होता है इसलिए हवाओं का यह रूख अच्छी बारिश का संकेत देता है।

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    English summary
    Sun will enter in Rohini Nautapa start from 25 may. sun and the earth temperature will grow faster.

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