Chandra Dosh: अशुभ चन्द्र के प्रभाव को दूर करने के उपाय
लखनऊ। चन्द्रमा का प्रभाव मानव जीवन पर सबसे अधिक पड़ता है, क्योंकि वह पृथ्वी के सबसे अधिक नजदीक है और सबसे तेज गति वाला ग्रह है। यह पूरे पृथ्वी की परिक्रमा सवा दो दिन में लगा लेता है। यही कारण है कि चन्द्रमा का एक हिस्सा पृथ्वी की ओर ही रहता है। यदि चन्द्रमा पर खड़े होकर पृथ्वी को देखा जाये तो पृथ्वी अपने अक्ष पर घूर्णन करती हुई नजर आयेगी। अगर आप ज्योतिष विज्ञान पर भरोसा करके अपनी कुण्डली बनवाते है और उसमें आपका चन्द्र ग्रह कमजोर है, पीड़ित है या फिर नीच का होकर अशुभ फल दे रहा है तो आप स्वयं नीचे दिये गये उपायों को करके लाभ प्राप्त कर सकते है।

रात को पानी का बर्तन सर के पास रख कर सोये
- रात को पानी का बर्तन सर के पास रख कर सोये तथा सुबह वही पानी पिए।
- नित्य शिवलिंग पर ढूध चढ़ाएं एवं सफेद पुष्प भी चढ़ाएं।
- सोमवार को "सुन्दर काण्ड" का पाठ करें।
- पूर्णिमा व्रत सहित चन्द्र मंत्र का विधिवत अनुष्ठान करना चाहिए।
- कर्क या वृष के निर्बल चन्द्र के लिए "भगवती गौरी" का पूजन करें।
- यदि चन्द्र मेष या वृषभ राशि का हो तो दुर्गा जी की आराधना करें
- मध्य बलि चन्द्रमा के लिए माँ काली , दूषित क्षीण चन्द्र में चामुंडा देवी की आराधना करें।
- स्वस्थ्य एवं त्रिविध तापो के शमनार्थ हेतु "महामृत्युंजय जप'' रामबाण औषधि है।
- निर्बल चन्द्र कैल्शियम की कमी दर्शाता है अतः खान पान में कैल्शियम की मात्र बढ़ा दें।
- केतु के साथ चन्द्र होने पर "गणपति" उपासना करनी चाहिए।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ चन्द्र सहित सभी ग्रहों की अनुकूलतादायक एवं सर्वसिद्धिप्रद होता है।
- चावल, चांदी, ढूध आदि का दान करें।
- मोती या चांदी धारण करना भी लाभप्रद होता है।
- माता (सास, मौसी, मामी या बुजुर्ग महिला) की सेवा करें।
- घर में कहीं भी गन्दा पानी या कीचड़ न होने दें। पानी के सड़ने से चन्द्रमा रुष्ट होता है।
- शिव चालीसा का नियमित पाठ करें।
- एक अथवा पंचमुखी रुद्राक्ष को पूजा स्थान पर स्थापित कर नियमित पूजा करें।
- दक्षिणावर्ती शंख की पूजा करें. ‘‘ऊॅ नमः शिवाय" का नित्य जप करें.
- सूर्यास्त के बाद ढूध न पिए।
- यदि संतान प्राप्ति में चन्द्रमा बाधक है तो "वैदिक विधि से चन्द्र शांति" एकमात्र उपाय है।
- चन्द्र सम्बन्धी वस्तुओं का दान एवं सोमवार का नियमित व्रत करना चाहिए।

चन्द्र मंत्र का विधिवत अनुष्ठान करना चाहिए

महामृत्युंजय जप

मोती या चांदी धारण करना भी लाभप्रद













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