Rahu Ketu Gochar: राहु-केतु ने बदली राशि, इन उपायों से करें पीड़ा दूर
Rahu Ketu Gochar: राहु और केतु ने 18 मई 2025 को सायं 5 बजकर 21 मिनट पर अपना राशि परिवर्तन कर लिया है। राहु-केतु सदैव वक्री गति से चलते हैं और जब भी राशि परिवर्तन करते हैं एक राशि पीछे चले जाते हैं। राहु मीन राशि से निकलकर कुंभ में चला गया है और केतु कन्या राशि से निकलकर सिंह राशि में आ गया है इसलिए मीन और कन्या राशि पर से राहु-केतु की पीड़ा अब खत्म हो जाएगी।
हालांकि राशियों और उनकी कुंडली के भावों में उपस्थिति के कारण अलग-अलग प्रभाव होता है। फिर भी यहां हम राहु केतु की पीड़ा दूर करने के सामान्य उपाय बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर इन दोनों छाया ग्रहों की ओर से मिलने वाली पीड़ा को दूर किया जा सकता है।

राहु की पीड़ा से मुक्ति के उपाय
- राहु यदि किसी राशि के लिए अशुभ फलप्रदायक हो तो राहु स्तोत्र कवच का पाठ करने से उसकी शांति होती है।
- राहु के मंत्र ऊं रां राहवे नम: या ऊं भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: का 18 हजार संख्या में जाप करना चाहिए।
- प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन व्रत रखकर भगवान शंकर तथा नागदेवता की पूजा करें। नागदेवता की मूर्ति पर गाय का कच्चा दूध चढ़ाएं।
- राहु के वैदिक, पौराणिक और बीज मंत्रों का जाप करने से राहु की पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
- किसी भी सोमवार को राहु यंत्र की विधिवत पूजा कर स्थापना करने से पीड़ा शांत होती है। राहु शुभ फलदायक बन जाता है।
- काले और नीले रंग के कपड़े अधिक से अधिक पहनें और इन्हीं रंग की वस्तुओं का दान करें।
- मध्यमा अंगुली में चांदी अथवा पंचधातु की अंगूठी में गोमद धारण करें।
केतु की पीड़ा से मुक्ति के उपाय
- जिन राशि के जातकों के लिए केतु पीड़ादायक है वे केतु स्तोत्र और कवच का पाठ करें।
- केतु के मंत्र ऊं केतवे नम: या ऊं स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं स: केतवे नम: मंत्र के 17 हजार जाप करें।
- शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का व्रत रखें और इसी दिन केतु यंत्र की स्थापना भी करें।
- प्रत्येक बुधवार को गणेशजी के दर्शन करें, उन्हें लड्डू और दूर्वा अवश्य अर्पित करें।
- अपने कुलदेवता और भैरव का पूजन करने से केतु की पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
- काला तिल, काला वस्त्र और मीठी चीजों का दान करने से केतु प्रसन्न होता है।
- चितकबरी गाय का पूजन करें, चितकबरे कुत्ते को रोटी खिलाएं।












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