Navratri 2017: इस नवरात्रि में जरूर करें ये काम, होगी बल्ले-बल्ले
लखनऊ। नवदुर्गा व दश महाविद्याओं में मॉ काली प्रमुख है। भोले नाथ की शक्तियों में उग्र व सौम्य दो रूपों में अनके रूप धारण करने वाली दस महाविद्यायें अनन्य सिद्धियॉ प्रदान करने में सक्षम है। संसार की भौतिक सम्पदाओं की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए हर मनुष्य लालायित रहता है।सतकर्म, परोपकार, धर्म, कर्म का कर्तव्य और निःस्वार्थ सेवा किये बिना आदि शक्ति की कृपा संभव नहीं है। मॉ दुर्गा मिष्ठान की नहीं भाव की भूखी है।
दुर्गा शप्तशतीके अध्याय के पाठों से मनोकामना पूर्ण होगी-
- प्रथम अध्याय का पाठ करने हर प्रकार की चिन्ता व तनाव दूर होगा।
- द्वितीय अध्याय का पाठ करने से मुकद्मे, विवाद व भूमि आदि से
- सम्बन्धित मामलों में विजय मिलेगी।
- तृतीय अध्याय का पाठ करने से मॉ भगवती की कृपा से आपके शत्रुओं का दमन होगा।
- चतुर्थ अध्याय का पाठ करने से आपके आत्म-विश्वास व साहस में वृद्धि होगी।
- पंचम अध्याय का पाठ करने से घर व परिवार में सुख शान्ति बनी रहती है।
- षष्ठम अध्याय का पाठ करने से मन का भय, आशंका व नकारात्मक विचारों में कमी आयेगी।
- सप्तम अध्याय का पाठ विशेष कामना की पूर्ति के लिए किया जाता है।
- अष्टम अध्याय का पाठ करने से पति-पत्नी का आपसी तनाव समाप्त होता है एंव मनचाहे साथी की प्राप्ति भी होती है।
- नवम अध्याय का पाठ करने से परदेश गया व्यक्ति या खोया हुआ व्यक्ति शीघ्र ही वापस लौट आता है।
- दशम अध्याय का पाठ करने से पुत्र की प्राप्ति होती है एंव मान-सम्मान में वुद्धि होती है।
- व्यापारी वर्ग को दुर्गा शप्तशती ग्यारहवें अध्याय का पाठ करने से व्यवसाय में प्रगति होती है।
- जो लोग घर की कलह से परेशान है एंव किसी काम में प्रगति नहीं होती है, उन्हें द्वादश अध्याय का पाठ करने से लाभ मिलता है।
- त्रियोदश अध्याय का पाठ करने से घर का वास्तु दोष, मानसिक क्लेश, परिवार की प्रगति में आ रही बाधा दूर होती है।
नवरात्रि में क्या करें
- मन्दिर जाना।
- देवी को प्रतिदिन जल अर्पित करना।
- नंगे पैर रहना।
- अपने मॉ-पिता की सेवा करें।
- अष्टमी व नमवमी को मॉ का विशेष श्रंगार करना।
- कन्याओं को भोजन कराना।
- मॉ दुर्गा की अखण्ड ज्योति जलाना।












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