Vastu Tips: फर्नीचर बनवाने जा रहे हैं तो जरा इन बातों पर गौर फरमाइए

नई दिल्ली। फर्नीचर किसी भी घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। घर के प्रत्येक रूम से लेकर आंगन, बालकनी, छत, गैरेज सभी जगह कोई न कोई फर्नीचर होता है। इसलिए वास्तु शास्त्र में भी सही फर्नीचर को लेकर बहुत सारे दिशा निर्देश दिए गए हैं। किस रूम में कैसा और कितना फर्नीचर होना चाहिए। किस धातु या लकड़ी का होना चाहिए, किस लकड़ी का नहीं होना चाहिए जैसी तमाम बातें बताई गई है। फर्नीचर को वास्तु में इसीलिए अत्यधिक महत्व दिया गया है क्योंकि इससे हमारे सुख-समृद्धि, आर्थिक संपन्नता, मानसिक सुख-शांति, पारिवारिक सामंजस्य जैसी अनेक बातें तय होती है। गलत फर्नीचर, या गलत दिशा में रखा गया फर्नीचर आपकी सारी वेल्थ को चौपट कर सकता है।

Vastu Tips: फर्नीचर बनवाने जा रहे हैं तो जरा इन बातों पर गौर फरमाइए

आइए जानते हैं फर्नीचर से जुड़े कुछ गोल्डन रूल्स :

  • सबसे पहली बात घर में अत्यधिक फर्नीचर नहीं होना चाहिए। किसी भी रूम में जरूरत से ज्यादा और कमरे में जगह की तुलना में फर्नीचर की मात्रा ज्यादा नहीं होनी चाहिए। कई लोग छोटे-छोटे कमरों में बड़े-बड़े सोफे, सेंटर टेबल आदि रख देते हैं, जो कमरे का वास्तु खराब कर देता है। इससे उस कमरे में नकारात्मक ऊर्जा की भरमार हो जाती है।
  • फर्नीचर शुभ दिनों में खरीदना चाहिए। मंगलवार, शनिवार, अमावस्या, अष्टमी तिथि या कृष्ण पक्ष में फर्नीचर कभी नहीं खरीदना चाहिए। इस दिन खरीदा हुआ फर्नीचर अशुभ ग्रहों की नकारात्मकता अपने साथ घर में ले आता है।
  • फर्नीचर जिस लकड़ी से बना होता है, उसका भी बहुत प्रभाव पड़ता है। फर्नीचर हमेशा शीशम, अशोक, सागवान, साल, अर्जुन या नीम की लकड़ी का बना होना चाहिए। पीपल, बरगद, चंदन का फर्नीचर नहीं होना चाहिए।
  • हल्के फर्नीचर हमेशा उत्तर और पूर्व दिशा में रखना चाहिए। जबकिभारी फर्नीचर दक्षिण और पश्चिम दिशा में रखा जाना चाहिए।
  • फर्नीचर के कॉर्नर गोल होने चाहिए। तीखे कॉर्नर नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करते हैं। लेकिन डायनिंग टेबल हमेशा चौकोर आकार की होनी चाहिए। अंडाकार डायनिंग टेबल कैश फ्लो रोकती है और उस पर भोजन करने वाले परिवार वालों की आपस में बनती नहीं है।
  • स्टील के फर्नीचर इन दिनों काफी चलन में हैं, लेकिन इस धातु के फर्नीचर घरों के लिए अच्छे नहीं माने गए हैं। स्टील के फर्नीचर ऑफिसेस के लिए ठीक होते हैं।
  • फर्नीचर खिले रंगों वाले होना चाहिए। डल और बोरिंग रंग वाले फर्नीचर नकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और आपका मूड भी खराब कर सकते हैं।
  • सम संख्या में कोनों वाले फर्नीचर शुभ माने गए हैं। विषम संख्या वाले फर्नीचर अशुभ होते हैं।

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